
आसनसोल : दुर्गा नवमी के पावन अवसर पर महावीर पंचायत अखाड़ा और पुस्तकालय की ओर से आयोजित पगड़ी वितरण समारोह ने शहर के धार्मिक वातावरण को विशेष बना दिया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था का रंग भरा, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक बंधन को भी सशक्त किया।
कार्यक्रम में नगर निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, डिप्टी मेयर अभिजीत घटक, कई वार्ड पार्षद और समाजसेवी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने एक-दूसरे के सिर पर पारंपरिक पगड़ी सजाकर सम्मान का भाव प्रकट किया और उपस्थित नागरिकों को दुर्गा नवमी की शुभकामनाएँ दीं। यह दृश्य अपने आप में भारतीय परंपरा और भाईचारे की झलक दिखाता रहा।
भारतीय संस्कृति में पगड़ी धारण करना सम्मान, गरिमा और आपसी सौहार्द्र का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा को जीवित रखने के उद्देश्य से महावीर पंचायत अखाड़ा ने यह विशेष पहल की। आयोजकों का कहना था कि यह आयोजन समाज में भेदभाव मिटाकर आपसी सहयोग, भाईचारे और सांस्कृतिक एकजुटता का संदेश देने के लिए किया गया है।

समारोह के दौरान भक्ति गीतों और शंख-घंटियों की गूंज ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। मंच पर हुए सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। नृत्य और भजन-कीर्तन की लय पर हर कोई भक्ति और आनंद के रस में डूब गया।
महिलाओं और युवाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पगड़ी वितरण वास्तव में सामाजिक सद्भाव का उत्कृष्ट उदाहरण है। बुजुर्गों ने इसे परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम बताते हुए युवाओं से इस प्रकार के आयोजनों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

स्थानीय नागरिकों की भारी भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला उत्सव है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का धन्यवाद किया और इस परंपरा को आगामी वर्षों में भी जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।
महावीर पंचायत अखाड़ा और पुस्तकालय की इस अनूठी पहल ने आसनसोल की दुर्गा नवमी को नई पहचान दी। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि आस्था और संस्कृति जब एक साथ आती हैं, तो समाज में सौहार्द्र और भाईचारे की गहरी नींव पड़ती है।














Users Today : 21
Users Yesterday : 35