
दुर्गापुर : शहर में दुर्गा पूजा के दौरान सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। शंकरपुर सर्वजनिन दुर्गा उत्सव कमेटी द्वारा स्थापित विशाल बैनर गेट अचानक गिर गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह इस सीजन में दूसरी ऐसी घटना है, जब पूजा के किसी ढांचे के गिरने की सूचना सामने आई है। इससे पहले पूजा के चौथे दिन यानी चतुर्थी को तेज बारिश के कारण इसी कमेटी के लाइटों से सजे गेट गिर गए थे।
शनिवार को इस बार फिर गेट टूटकर सड़क पर गिर गया। हालांकि किसी को चोट नहीं आई, लेकिन हादसे के कारण सड़क पर वाहनों का आवागमन बाधित हो गया। राहगीरों और यात्रियों ने बाल-बाल अपनी जान बचाई। गेट गिरने के तुरंत बाद आसपास के लोग चौंक गए और क्षेत्र में डर का माहौल पैदा हो गया।

पुलिस और पूजा कमेटी के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने यातायात बहाल करने और गेट को सुरक्षित करने का प्रयास किया। आसपास के लोगों ने कहा कि यह लगातार घटनाएँ पंडालों और पूजा स्थल के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने प्रशासन और कमेटी से आग्रह किया कि पंडाल और गेटों की नियमित जांच और मजबूत निर्माण पर ध्यान दिया जाए।
स्थानीय निवासी और दुकानदारों ने बताया कि शहर में दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ और उत्सव के कारण सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में ढांचे गिरने की घटनाएं गंभीर नुकसान और घातक हादसे को आमंत्रित कर सकती हैं। कई लोग मानते हैं कि सुरक्षा और निरीक्षण की कमी से यह घटनाएँ हो रही हैं।

पूजा कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि गेट गिरने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि शेष पंडालों और संरचनाओं की जांच करवा कर उन्हें मजबूती प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य श्रद्धालुओं और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त उपाय किए जाएंगे।”
पुलिस ने भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि भारी भीड़ और पंडालों के आसपास सतर्क रहें और बच्चों तथा वृद्धजन को विशेष ध्यान में रखें। प्रशासन ने कहा कि दुर्घटना के बाद पूरे शहर में पूजा स्थल और गेटों की सुरक्षा का विशेष निरीक्षण किया जाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि दुर्गा पूजा जैसे बड़े आयोजन में भारी संरचनाओं और सजावट के लिए मजबूत निर्माण सामग्री, नियमित निरीक्षण और मानक सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं। इसके अभाव में छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
इस तरह की लगातार घटनाओं ने शहर में सुरक्षा के प्रति चेतावनी के स्वर को और बुलंद कर दिया है। श्रद्धालु और स्थानीय लोग दोनों यह उम्मीद कर रहे हैं कि प्रशासन और पूजा कमेटियाँ भविष्य में सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाएंगी।














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