
आसनसोल-दुर्गापुर : बहुचर्चित पानागढ़ लूटकांड मामले में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। दुर्गापुर गुप्तचर विभाग (डिटेक्टिव डिपार्टमेंट-DD) और कांकसा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार देर रात रणडिहा मोड़ क्षेत्र में छापेमारी कर कुख्यात कारोबारी लोकेश कक्कड़ के आवास से 1 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए। यह कार्रवाई उस कड़ी का हिस्सा है जिसमें गुजरात के एक व्यापारी से हुई करोड़ों की लूट के रहस्य उजागर हो रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, गुजरात के व्यापारी हर्षद पटेल 23 सितंबर की रात लगभग 40 लाख 10 हजार रुपये नकद लेकर दुर्गापुर से गुजर रहे थे। तभी उनकी कार को पहले बांशकोपा टोल प्लाजा के पास रोकने की कोशिश की गई। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद गलसी क्षेत्र में तीन गाड़ियों में सवार बदमाशों ने उन्हें रोककर हथियार के बल पर लूट की घटना को अंजाम दिया। लुटेरों ने व्यापारी से नकदी के साथ तीन मोबाइल फोन भी छीन लिए थे।

हर्षद पटेल ने तत्परता दिखाते हुए घटना के तुरंत बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और तीनों वाहनों के नंबर भी उपलब्ध कराए। इन्हीं नंबरों के आधार पर पुलिस ने जांच तेज की और अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि लूटी गई रकम को कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग ठिकानों पर छिपाया गया है।
पुलिस की लगातार कार्रवाई में अब रणडिहा मोड़ निवासी लोकेश कक्कड़ का नाम सामने आया। वह क्षेत्र का चर्चित कारोबारी बताया जा रहा है और पूर्व में भी कई संदिग्ध गतिविधियों में उसका नाम जुड़ चुका है। पुलिस ने देर रात उसके घर पर छापा मारा और तलाशी के दौरान 1.5 लाख रुपये नकद बरामद किए। साथ ही, कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
कांकसा थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस टीम ने यह कार्रवाई अत्यंत गोपनीय तरीके से की। आसपास के लोगों को भनक तक नहीं लगी। पूरी छापेमारी लगभग दो घंटे तक चली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब्त की गई रकम लूटी गई राशि का हिस्सा हो सकती है, जिसकी पुष्टि आगे की जांच में होगी।
गौरतलब है कि यह लूटकांड क्षेत्र के व्यापारी वर्ग में भय का कारण बना हुआ था। दिनदहाड़े इस तरह की संगठित लूट ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे। परंतु हालिया कार्रवाई के बाद लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा लौटता दिख रहा है। व्यापारी संगठन के सदस्यों ने कहा कि पुलिस की तत्परता से अपराधियों में भय पैदा हुआ है।

डीएसपी (मुख्यालय) ने बताया कि बाकी रकम और फरार आरोपियों की तलाश में कई ठिकानों पर छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि शीघ्र ही पूरे गिरोह को बेनकाब कर दिया जाएगा। वहीं, जब्त किए गए मोबाइलों के कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच से कई और नाम सामने आ सकते हैं।
दूसरी ओर, स्थानीय लोगों का कहना है कि रणडिहा क्षेत्र में कई संदिग्ध कारोबारी लंबे समय से सक्रिय हैं और पुलिस को उन पर सख्त निगरानी रखनी चाहिए। पुलिस ने भी संकेत दिया है कि आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।
इस बीच, लूटी गई पूरी रकम की बरामदगी और मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारी का इंतजार अब भी बना हुआ है। व्यापारी समुदाय ने उम्मीद जताई है कि पुलिस जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश करेगी और दोषियों को सजा दिलाएगी।














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