
आसनसोल : चितरंजन रेलवे कॉलोनी में एक बार फिर सनसनीखेज घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। बीते शाम नॉर्थ एरिया के 64 नंबर रोड स्थित क्वार्टर नंबर 25-बी से रेलवे कर्मचारी प्रदीप चौधरी का खून से लथपथ शव बरामद हुआ। घटनास्थल का दृश्य इतना भयावह था कि आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। बताया गया कि प्रदीप के शरीर पर गोली के कई निशान थे, जिससे यह साफ झलक रहा था कि उनकी मौत सामान्य नहीं, बल्कि बेहद निर्मम तरीके से की गई हत्या का परिणाम है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाम करीब छह बजे प्रदीप चौधरी के पुत्र घर लौटे तो उन्होंने देखा कि घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद है। उन्होंने कई बार दरवाजा खटखटाया और अपने पिता को आवाज दी, परंतु कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शंका होने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही चितरंजन थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुँची और दरवाजा तोड़ा गया। जैसे ही दरवाजा खुला, सभी की नजर बिस्तर पर पड़ी खून से सनी लाश पर ठहर गई। प्रदीप के सीने और सिर पर गोली के घाव थे, जिससे उनकी तत्काल मृत्यु हो गई थी।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ चितरंजन रेलवे कॉलोनी में अब आम होती जा रही हैं। महज़ कुछ महीने पहले प्रदीप चौधरी की पत्नी का गला कटा शव उनके पुराने क्वार्टर से मिला था। उस समय पुलिस ने प्रदीप से कई बार पूछताछ की थी, लेकिन मामला रहस्यमय ढंग से शांत हो गया था। अब प्रदीप की मौत ने पुराने केस को फिर से जीवित कर दिया है। लोगों के मन में कई सवाल उठ रहे हैं — क्या यह आत्महत्या है, या किसी गहरे षड्यंत्र की कड़ी? क्या दोनों घटनाओं में कोई समान कड़ी जुड़ी हुई है?
पुलिस ने फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल से बरामद कारतूस, मोबाइल फोन तथा अन्य सामान को जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या और हत्या दोनों की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। अधिकारी घर के अंदर की स्थिति, गोली के प्रवेश कोण और अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।

घटना के बाद रेलवे कॉलोनी के निवासियों में भय और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर है। रात्रि गश्त नहीं होती, और क्वार्टरों में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे हैं। लगातार घटती घटनाओं से यह इलाका अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है।
चितरंजन थाना प्रभारी ने बताया कि “प्रदीप चौधरी की मौत के हर पहलू की जांच की जा रही है। यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि कई पुराने रहस्यों से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस किसी भी संभावना को खारिज नहीं कर रही।”
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो यह तय करेगी कि यह आत्महत्या का मामला है या एक योजनाबद्ध हत्या। लेकिन इतना तय है कि चितरंजन रेलवे कॉलोनी एक बार फिर खून और रहस्य के साये में आ गई है — और इस बार सवाल केवल प्रदीप चौधरी की मौत का नहीं, बल्कि पूरे इलाके की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता का भी है।














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