
दुर्गापुर : पश्चिम बर्धमान जिले के दुर्गापुर में मेडिकल छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त सुनील कुमार चौधरी (IPS) ने बीते रात पत्रकार वार्ता में कहा कि “यह अपराध समाज के लिए कलंक है, और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने पूरी तत्परता से कार्रवाई करते हुए सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, और मामले की जांच अत्यंत संवेदनशीलता के साथ की जा रही है।
पुलिस कमिश्नरेट के डीसीपी (ईस्ट) अभिषेक गुप्ता, ईस्ट जोन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और एनटीएस थाने के प्रभारी भी इस प्रेस वार्ता में मौजूद थे। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह घटना बेहद मर्मांतिक है और पुलिस की प्राथमिकता पीड़िता को न्याय दिलाना है। उन्होंने बताया कि वारदात की जानकारी मिलते ही FIR दर्ज कर जांच दल गठित कर दिया गया था। शनिवार को तीन, रविवार को एक और सोमवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर कुल पांच लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है।
सीपी चौधरी ने बताया कि सभी आरोपी फिलहाल पुलिस रिमांड में हैं और उनसे गहन पूछताछ चल रही है। पुलिस ने अब तक की जांच में वारदात से जुड़े सभी प्रमुख सबूत जुटा लिए हैं। घटना से जुड़े और किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, “पुलिस की पूरी कोशिश है कि आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की घृणित हरकत करने से पहले सौ बार सोचे।”

उन्होंने यह भी बताया कि पीड़िता के पुरुष मित्र वसीम अली, जो घटना के वक्त उसके साथ था, से भी पूछताछ की जा रही है। उसने पुलिस जांच में पूरा सहयोग दिया है।
पीड़िता की सुरक्षा और सहयोग को दी गई प्राथमिकता
कमिश्नर चौधरी ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पीड़िता और उसके पिता से बात की है। पुलिस ने न केवल आश्वासन दिया बल्कि हर संभव सहायता प्रदान की है। पीड़िता के इलाज के दौरान सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके लिए एक वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी की निगरानी में विशेष दल तैनात किया गया है।
उन्होंने कहा, “पीड़िता के पिता को भी सुरक्षा देने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि उन्हें पुलिस पर पूर्ण विश्वास है।” डीसीपी (ईस्ट) और स्थानीय थाना प्रभारी लगातार परिवार के संपर्क में हैं। पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता को देखते हुए पीड़िता का परिवार फिलहाल संतुष्ट दिखा।
मीडिया के सवालों पर पुलिस कमिश्नर का जवाब
पत्रकारों ने जब पूछा कि वारदात स्थल — एम.बी. एवेन्यू क्षेत्र — में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर क्यों थी, तो सीपी चौधरी ने कहा कि रात में पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग होती है। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार नहीं किया कि क्षेत्र में पर्याप्त सड़क लाइट या सीसीटीवी कैमरे लगे हैं या नहीं। उन्होंने केवल इतना कहा कि इस घटना के बाद इलाके की सुरक्षा व्यवस्था की पुनः समीक्षा की जा रही है।
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज में सेकेंड ईयर की छात्रा (23 वर्ष) शुक्रवार की रात अपने सहपाठी वसीम अली के साथ डिनर के लिए निकली थी। लौटते वक्त रास्ते में पांच युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोपियों ने दोनों को धमकाकर सुनसान इलाके की ओर खींच लिया। वहां छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। वसीम डरकर मौके से भाग गया। घटना के बाद आरोपियों ने छात्रा का मोबाइल छीन लिया और मोबाइल लौटाने के बदले तीन हजार रुपये की मांग की। पैसे न मिलने पर वे मोबाइल लेकर फरार हो गए।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम हैं — अप्पू बाउरी (21 वर्ष), शेख फिरदौस (23 वर्ष), शेख रियाजुद्दीन (32 वर्ष), शेख नसीरुद्दीन (24 वर्ष) और शेख शफीकुल। सभी आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप, अपहरण और धमकी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

न्याय की उम्मीद में परिवार और शहर
इस घटना ने पूरे दुर्गापुर और आसनसोल क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। सोशल मीडिया पर लोग सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। स्थानीय महिला संगठनों ने भी पीड़िता के समर्थन में प्रदर्शन की चेतावनी दी है। पुलिस आयुक्त ने जनता से अपील की है कि “कानून पर भरोसा रखें, दोषियों को न्यायालय से उचित दंड अवश्य मिलेगा।”
इस वीभत्स वारदात ने एक बार फिर समाज और व्यवस्था दोनों के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं — आखिर कब महिलाएं बेखौफ होकर रात में बाहर जा सकेंगी? फिलहाल, दुर्गापुर पुलिस प्रशासन की सक्रियता से पीड़िता के परिवार को कुछ राहत अवश्य मिली है, लेकिन न्याय की अंतिम मंज़िल तक पहुंचना अभी बाकी है।














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