
दुर्गापुर : सागरभंगा इलाके में एक वरिष्ठ वकील पर हुए हमले के विरोध में दुर्गापुर महकमा अदालत परिसर में वकीलों ने कार्य बहिष्कार करते हुए सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। न्यायिक कामकाज ठप हो गया और अदालत के बाहर लंबे समय तक नारेबाजी होती रही। घटना को लेकर वकीलों में तीखा आक्रोश देखा गया।

दरअसल, 11 अक्टूबर को सागरभंगा स्थित वकील शेख अब्दुल रब के आवास兼चेंबर में कुछ अज्ञात लोगों ने घुसकर उनके साथ मारपीट की थी। परिजनों के अनुसार, उस समय वे बीमार थे और घर पर आराम कर रहे थे। आरोपियों ने पहले उन्हें धमकाया और फिर लाठी-डंडों से हमला कर घायल कर दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल वकील को दुर्गापुर महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

हमले के बाद पीड़ित की ओर से कोकोवन थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन घटना के छह दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। इसी ढिलाई से नाराज वकीलों ने शुक्रवार को अदालत परिसर में एक आपात बैठक बुलाई और सर्वसम्मति से कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया।
वकीलों का कहना है कि प्रशासन ने अब तक कार्रवाई नहीं की है। कई बार शिकायत देने और आग्रह करने के बाद भी आरोपी खुलेआम उसी इलाके में घूम रहे हैं। यह न्याय व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ता परिषद के सदस्य अभिजीत घोष ने कहा कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक अदालत का कार्य बहिष्कृत रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस जल्द कदम नहीं उठाती, तो राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।

वकीलों ने यह भी कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र पर सीधा हमला है। यदि कानून के रखवाले ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम नागरिकों का विश्वास कैसे बनेगा। वकीलों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि अगर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस दौरान अदालत परिसर के बाहर पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी अप्रिय घटना को टाला जा सके। प्रदर्शन के कारण दिनभर अदालत की कार्यवाही प्रभावित रही और कई मामलों की सुनवाई स्थगित करनी पड़ी। शाम तक वकील धरने पर बैठे रहे और नारे लगाते रहे— “हमला करने वालों की गिरफ्तारी करो, न्याय दो!”














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