
पूर्व बर्दवान : काली पूजा की रौनक के बीच पूर्व बर्दवान जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहाँ एक युवक ने देवी के आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। सोमवार की मध्यरात्रि को मेमारी थाना क्षेत्र के दलुईबाजार गाँव में स्थित ऐतिहासिक “बनर्जी बाड़ी काली पूजा” पंडाल में यह चोरी की वारदात हुई। जमींदार परिवार द्वारा आयोजित इस पूजा में हजारों श्रद्धालु माँ काली के दर्शन के लिए जुटे थे, लेकिन इसी भीड़ के बीच एक व्यक्ति ने सुनियोजित तरीके से माँ के गहनों को चुरा लिया।
सूत्रों के अनुसार, चोरी करीब 12 बजकर 30 मिनट के आसपास हुई जब अधिकांश भक्त पूजा-अर्चना के बाद लौट चुके थे। सुबह जब पुजारी ने देखा कि माँ काली की मूर्ति से सोने के कई गहने गायब हैं, तो मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इसकी सूचना तत्काल मेमारी थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस की एक विशेष टीम मौके पर पहुँची और जांच शुरू की।

पुलिस ने आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और शक की सुई एक युवक पर जाकर ठहर गई। आरोपी की पहचान देवज्योति चौधरी (32) के रूप में हुई, जो बर्दवान के खोसबागन इलाके का निवासी है। जानकारी के अनुसार, वह कुछ महिला मित्रों के साथ काली पूजा देखने आया था और इस दौरान उसने मौका पाकर चोरी को अंजाम दिया। देवज्योति जमींदार परिवार के एक रिश्तेदार का परिचित बताया जा रहा है, जिससे उसे पंडाल के भीतर तक आसानी से पहुँच मिल गई थी।

पुलिस ने तुरंत छापेमारी शुरू की और कुछ ही घंटों में देवज्योति को उसके ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से चोरी किए गए सभी सोने के आभूषण बरामद कर लिए गए। बरामद आभूषणों का वजन लगभग 10 भरी बताया जा रहा है।
इस सफलता पर मेमारी थाना प्रभारी ने कहा कि यह पुलिस की त्वरित कार्रवाई का परिणाम है। “हमें सूचना मिलते ही टीम सक्रिय हो गई थी। आरोपी ने अपराध स्वीकार किया है और उससे पूछताछ जारी है। हम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस चोरी में कोई और भी शामिल था।”

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की साँस ली और पुलिस की तत्परता की सराहना की। वहीं जमींदार परिवार के सदस्यों ने कहा कि माँ काली की कृपा से ही आरोपी शीघ्र पकड़ में आया। इस घटना ने पूजा आयोजकों को सतर्क कर दिया है, और अब कई समितियाँ अपने पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था और कैमरों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।
भक्ति और उल्लास के बीच हुई यह चोरी समाज के लिए एक चेतावनी है कि श्रद्धा के अवसरों पर भी सतर्क रहना जरूरी है। माँ काली के आभूषणों की वापसी ने न केवल लोगों की आस्था को और प्रबल किया, बल्कि पुलिस की दक्षता और जिम्मेदारी पर भी भरोसा मजबूत किया है।














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