
आसनसोल : कुल्टी प्रखंड की गृहिणी टुम्पा नंदी ने नेपाल में आयोजित साउथ एशिया कप योग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर पूरे देश का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार बल्कि आसनसोल और शिल्पांचल के योग प्रेमियों के बीच गर्व और उत्साह की लहर दौड़ा दी है। टुम्पा नंदी ने यह साबित कर दिया कि अगर मन में लगन और अनुशासन हो, तो उम्र कभी भी सफलता की राह में बाधक नहीं बन सकती।
बुधवार को कुल्टी प्रखंड कांग्रेस की ओर से उनके सम्मान में एक भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता चंडी चटर्जी, कुल्टी प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष सुकांत दास और अन्य स्थानीय गणमान्य उपस्थित रहे। समारोह में टुम्पा नंदी को फूलमाला और सम्मान पत्र देकर उनकी उपलब्धि की सराहना की गई। इस मौके पर उपस्थित सभी ने उन्हें ढेरों बधाईयाँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान टुम्पा नंदी ने कहा कि वह कुल्टी की बेटी होने के नाते अपने क्षेत्र का नाम गर्व के साथ रोशन करना चाहती थीं। उन्होंने बताया, “मेरा मायका डिसरगेड और ससुराल नियामतपुर में है। मेरे माता-पिता ने मुझे बचपन से ही योग का अभ्यास सिखाया और जीवन में अनुशासन के महत्व को समझाया। यही अनुशासन और नियमित अभ्यास मुझे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में मददगार साबित हुआ।”
टुम्पा नंदी ने कहा कि योग का अभ्यास केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए नहीं, बल्कि मानसिक शक्ति और आत्मविश्वास के विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि उम्र को कभी भी अपने प्रयासों की सीमा नहीं बनाना चाहिए। उनका मानना है कि इच्छाशक्ति और मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने आगे अपने भविष्य के लक्ष्यों के बारे में जानकारी दी और कहा कि उनका अगला लक्ष्य योग वर्ल्ड कप में भाग लेना है। टुम्पा नंदी ने आशा जताई कि उनके प्रयासों और उपलब्धियों से भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक ऊँचा स्थान हासिल करेगा। उनका यह संकल्प और दृढ़ता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि टुम्पा नंदी की सफलता ने कुल्टी क्षेत्र में गर्व की भावना को बढ़ावा दिया है। कई युवाओं ने कहा कि टुम्पा नंदी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं, जिन्होंने घर की जिम्मेदारियों को निभाते हुए योग के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई।

सुपुर्दगी के इस समारोह में स्थानीय समाजसेवी, शिक्षक और युवा वर्ग ने भी भाग लिया। उन्होंने टुम्पा नंदी की मेहनत और अनुशासन की सराहना की और उन्हें आगे भी योग और खेलों में सफलता पाने की शुभकामनाएं दीं। समारोह का माहौल अत्यंत उत्साहपूर्ण और प्रेरक रहा।
इस प्रकार टुम्पा नंदी ने यह संदेश दिया कि यदि व्यक्ति में लक्ष्य प्राप्ति की सच्ची लगन हो, तो कोई भी उम्र या परिस्थिति सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत गौरव का विषय है, बल्कि कुल्टी और आसनसोल क्षेत्र के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन करने की प्रेरणा भी देती है।
टुम्पा नंदी की यह सफलता योग की महत्ता को समाज में और अधिक लोकप्रिय बनाने में सहायक सिद्ध होगी। कुल्टी प्रखंड और आसनसोल के नागरिकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि उनका यह संघर्ष आने वाले समय में कई युवाओं के लिए प्रेरक साबित होगा।














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