
दुर्गापुर : नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) दुर्गापुर में एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से शिक्षा और तकनीक जगत के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस तथा केंद्रीय शिक्षा प्रतिमंत्री सुकांत मजूमदार विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। दोनों अतिथियों का संस्थान प्रशासन और विद्यार्थियों ने पारंपरिक तरीके से स्वागत किया।
सम्मेलन का उद्देश्य उच्च तकनीकी शिक्षा में नवाचार, अनुसंधान और उद्योगों के साथ सहयोग को बढ़ावा देना था। इस मौके पर राज्यपाल बोस ने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसका उद्देश्य समाज और देश के निर्माण में योगदान देना होना चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे नई तकनीक को अपनाकर राष्ट्र की प्रगति में भूमिका निभाएं।

केंद्रीय शिक्षा प्रतिमंत्री सुकांत मजूमदार ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार नई शिक्षा नीति के माध्यम से देश के हर कोने में गुणवत्ता युक्त तकनीकी शिक्षा पहुंचाने के प्रयास में लगी है। उन्होंने कहा, “एनआईटी जैसे संस्थान भारत के तकनीकी भविष्य के स्तंभ हैं, जहाँ से आने वाले नवोन्मेषी विचार देश की दिशा तय करेंगे।”
सम्मेलन में एनआईटी के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप घोष ने संस्थान की नई परियोजनाओं और अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में नवीकरणीय ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वदेशी तकनीकी विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

राज्यपाल और केंद्रीय मंत्री के आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे। पूरे परिसर में पुलिस बल की तैनाती की गई, साथ ही प्रवेश द्वार पर पहचान पत्र की जांच भी की गई।
कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों, उद्योग प्रतिनिधियों और विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। अंत में राज्यपाल ने एनआईटी के छात्रों के नवाचार प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया और उनकी सराहना की।
सम्मेलन का समापन राष्ट्रीय गान के साथ हुआ।














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