
सालानपुर : पश्चिम बर्दवान जिले के सालानपुर थाना क्षेत्र के कल्याणेश्वरी फाड़ी अंतर्गत लेफ्ट बैंक इलाके में देर रात एक करैत सांप के डसने से 25 वर्षीय युवक बापी मिर्धा की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, वहीं परिवार के लिए यह दूसरी बड़ी त्रासदी बनकर आई है — क्योंकि बापी ने एक वर्ष पहले ही अग्निकांड में अपनी पत्नी को खोया था।
सांप को निकाला गया, फिर भी दोबारा लौट आया मौत बनकर
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रविवार रात लगभग 11 बजे बापी के घर में एक जहरीला करैत सांप देखा गया था। परिवार के लोगों ने किसी तरह उसे घर से बाहर निकाल दिया। सबने सोचा कि खतरा टल गया, लेकिन कुछ देर बाद जब बापी अपने कमरे में लौटे, तो वही सांप किसी कोने में छिपा बैठा था और उसने अचानक बापी को डस लिया।

इलाज के दौरान तोड़ा दम
सांप के काटते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग बिना समय गंवाए बापी को लेकर आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने एंटीवेनम इंजेक्शन और आवश्यक इलाज शुरू किया, लेकिन करैत के जहर ने तेजी से असर दिखाया। लगभग दो घंटे की जद्दोजहद के बाद बापी ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि करैत का जहर अत्यंत तीव्र होता है और अगर पीड़ित को कुछ ही मिनटों में इलाज न मिले तो जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक के पिता ने रोते हुए कहा,“पहले बहू चली गई, अब बेटा भी चला गया। भगवान ने हमारे घर को सूना कर दिया।”बापी की पत्नी की मौत पिछले साल एक अग्नि दुर्घटना में हुई थी, जिससे परिवार अब तक उबर नहीं पाया था। अब बापी की मौत ने इस घर को पूरी तरह तोड़ दिया है। बापी अपने पीछे तीन साल के एक छोटे बेटे को छोड़ गया है, जो अब अनाथ हो गया है।
इलाके में शोक की लहर
सोमवार सुबह जैसे ही बापी की मौत की खबर फैली, पूरे कल्याणेश्वरी क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसी और रिश्तेदार बड़ी संख्या में घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश की। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी प्रशासन से मांग की है कि छोटे बच्चे और वृद्ध माता-पिता के सहारे के लिए सहायता राशि दी जाए।

सांपों के बढ़ते खतरे पर चिंता
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ हफ्तों से इलाके में बार-बार विषैले सांपों की मौजूदगी देखी जा रही है। वे कहते हैं कि बारिश के बाद आसपास के खेतों और झाड़ियों में सांपों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से फॉगिंग और सफाई अभियान चलाने की अपील की है।
अंतिम संस्कार के वक्त नम हुई आंखें
पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को बापी का अंतिम संस्कार कल्याणेश्वरी श्मशान घाट में किया गया। जब तीन साल का बेटा पिता के शव के पास खड़ा था, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। हर कोई यही कह रहा था —“एक घर, दो साल में दो मौतें… किस्मत ने इन्हें क्यों इतना सताया?”यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है बल्कि इसने पूरे सालानपुर क्षेत्र को झकझोर दिया है।














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