
आसनसोल : आगामी चुनावी तैयारियों के क्रम में राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा देश के 12 राज्यों में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभियान प्रारंभ कर दिया गया है, जिसके तहत पश्चिम बर्द्धमान जिले में मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध बनाने का विस्तृत कार्य चल रहा है। जिले में वर्तमान में कुल 23 लाख 27 हजार 503 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं, पुराने रिकॉर्ड से मिलान के आरंभिक निष्कर्षों ने प्रशासन और राजनीतिक दलों को सतर्क कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2002 की मतदाता सूची के साथ 2025 की सूची के नामों के मिलान में प्रारंभिक चरण में मात्र 41 प्रतिशत नाम मेल खाते पाए गए, किंतु बीओएलओ मोबाइल एप द्वारा पुन: सत्यापन के बाद यह आंकड़ा 35 प्रतिशत पर सिमट गया। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह प्रक्रिया जारी है और अंतिम सूची तैयार होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
इस संदर्भ में आसनसोल के नव-निर्मित जिला शासकालय में जिला शासक एस. पोन्नाबलम की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, सीपीएम, कांग्रेस समेत विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में चुनाव विभाग के अधिकारी, अतिरिक्त जिला शासक (चुनाव) और संबंधित अनुभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिला शासक ने बताया कि चार नवंबर से चार दिसंबर तक बीएलओ जन-संपर्क अभियान चलाते हुए घर-घर जाकर मतदाता विवरण प्रपत्र वितरित करेंगे, जिन्हें भरकर जमा करना अनिवार्य होगा। इसके पश्चात् प्रारूप मतदाता सूची जारी की जाएगी। नौ दिसंबर से आठ जनवरी तक आपत्तियों और संशोधन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जबकि नौ दिसंबर से 31 जनवरी तक सुनवाई और सत्यापन प्रक्रिया जारी रहेगी। अंतिम संशोधित मतदाता सूची सात फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिले की चार विधानसभाओं—रानीगंज, जामुरिया, दुर्गापुर पूर्व तथा दुर्गापुर पश्चिम—के ईआरओ बदले जा चुके हैं, जिनमें से दो अधिकारियों ने कार्यभार ग्रहण कर लिया है तथा शेष दो शीघ्र ही संभालेंगे। इसके अलावा ओसी (चुनाव) को भी अद्यतन किया गया है। आगामी दिनों में विधानसभा स्तर पर भी सर्वदलीय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
जिला प्रशासन ने दोहराया कि वर्ष 2002 की सूची को आधार मानते हुए मैपिंग की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति का नाम न मिले, तो उसके माता-पिता या निकटतम रिश्तेदार के नाम से सत्यापन किया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां आने-जाने वाले असंख्य श्रमिकों और प्रवासियों की उपस्थिति मैपिंग को चुनौतीपूर्ण बनाती है।

बैठक के बाद राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधि उत्पल सेन ने कहा कि जिले की औद्योगिक प्रकृति को देखते हुए विशेष सावधानी आवश्यक है। भाजपा नेताओं प्रशांत चक्रवर्ती एवं तापस राय ने कहा कि सभी दल शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची चाहते हैं तथा श्रमिकों और बाहरी कामगारों के नामों को लेकर कई सुझाव दिए गए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेश चक्रवर्ती ने मात्र 35 प्रतिशत नामों के मेल को गंभीर चिंता का विषय बताया। उनका कहना है कि यदि त्वरित समाधान नहीं हुआ तो यह जिला उन क्षेत्रों में शामिल हो सकता है, जहां मतदाता सूची में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाएगा।
स्थितियों को देखते हुए प्रशासन और राजनीतिक दलों ने मिलकर मतदाता सूची को सटीक बनाने और नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है, ताकि आगामी चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी व निष्पक्ष रूप में सम्पन्न हो सके।














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