
आसनसोल : आसनसोल के प्रमुख सब्जी मंडी क्षेत्र में गुरुवार को एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। हीरापुर थाना क्षेत्र के इस्माइल मोहल्ला निवासी फल विक्रेता मोहम्मद जमीर (45) ने आर्थिक संकट से परेशान होकर अपने ही गोदाम में चाकू से गला रेतकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। यह घटना दोपहर करीब बारह बजे की है, जब मंडी में ग्राहकों की चहल-पहल चरम पर थी। अचानक यह खबर फैली कि बाजार के अंदर स्थित फल गोदाम से किसी व्यक्ति की चीख सुनाई दी है। व्यापारी और आसपास के लोग जब वहां पहुंचे तो उन्होंने देखा कि जमीर खून से लथपथ अवस्था में फर्श पर गिरा हुआ है और पास में एक तेज धार वाला चाकू पड़ा है।
लोगों ने तत्काल स्थानीय पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे हीरापुर थाना पुलिस ने घायल को तत्काल आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बर्दवान मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, जमीर की गर्दन पर गहरा घाव है और अधिक रक्तस्राव होने से उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

घटना की जानकारी मिलते ही उसके परिवार के सदस्य और अन्य व्यापारी अस्पताल पहुंचे। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया कि जमीर कई वर्षों से आसनसोल बाजार में फल का व्यवसाय कर रहा था। परंतु पिछले कुछ महीनों से बिक्री में काफी गिरावट आई थी। बढ़ती महंगाई, मंडी का बढ़ता किराया और थोक दरों में उतार-चढ़ाव के कारण उसे भारी नुकसान झेलना पड़ा था। इस कारण वह आर्थिक संकट में घिर गया था और अक्सर परेशान रहता था।
पड़ोसियों और साथी व्यापारियों ने बताया कि जमीर बेहद ईमानदार और मेहनती व्यक्ति था। वह रोज सुबह चार बजे मंडी पहुँचता और देर रात तक काम करता था। परंतु मंदी और घाटे के चलते उसका व्यापार धीरे-धीरे ठप होने लगा। दोस्तों के मुताबिक, उसने कुछ लोगों से कर्ज भी लिया था, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था। इस बात से वह गहरी चिंता में था और बीते कुछ दिनों से बाजार में कम दिखाई दे रहा था।
पुलिस ने घटनास्थल से चाकू और कुछ दस्तावेज़ जब्त किए हैं। जांच में यह भी पता चला कि घटना से कुछ घंटे पहले जमीर ने अपने एक साथी को बताया था कि “अब ज़िंदगी से थक गया हूं, कुछ समझ नहीं आता क्या करूं।” पुलिस इसे आत्महत्या का प्रयास मानकर मामले की जांच कर रही है, लेकिन उन्होंने कहा है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जाएगी।
आसनसोल बाजार समिति के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि “व्यापारियों की आर्थिक स्थिति दिनोंदिन बिगड़ती जा रही है। फल-सब्ज़ियों के थोक भाव में बढ़ोतरी, किराया और टैक्स के दबाव ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।”
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना प्रशासन और समाज दोनों के लिए चेतावनी है। छोटे व्यापारियों के लिए किसी भी तरह की आर्थिक सहायता या कर्ज माफी योजना उपलब्ध नहीं होने के कारण वे मानसिक तनाव में जी रहे हैं। एक व्यापारी ने कहा, “आज जमीर ने आत्महत्या की कोशिश की है, कल कोई और ऐसा कदम उठा सकता है। हमें ऐसे लोगों के लिए परामर्श और सहायता की व्यवस्था करनी चाहिए।”

उधर, डॉक्टरों ने बताया कि जमीर की हालत अभी गंभीर है, लेकिन समय पर अस्पताल पहुंचाए जाने के कारण उसकी जान बचने की संभावना बनी हुई है। पुलिस ने उसके परिवार से पूछताछ शुरू कर दी है और मंडी के अन्य व्यापारियों से भी जानकारी ली जा रही है।
शुक्रवार को जब बाजार खुला, तो वहां का माहौल गमगीन था। कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें देर से खोलीं और जमीर के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। लोगों ने कहा कि मेहनतकश व्यापारी का इस तरह टूट जाना बेहद दुखद है।
यह घटना एक बार फिर इस ओर इशारा करती है कि व्यापारिक असफलता या आर्थिक संकट के समय समाज और प्रशासन को संवेदनशील बनना होगा। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे छोटे व्यापारियों की मदद के लिए विशेष राहत कोष बनाया जाए, ताकि कोई और जमीर इस तरह के कदम उठाने को मजबूर न हो।














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