
आसनसोल : सोमवार की सुबह आसनसोल-धनबाद राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 पर उस समय अफरातफरी मच गई जब एक सेब से लदी बड़ी ट्रक मरीचकोटा के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। ट्रक के पलटते ही उस पर लदे सैकड़ों कार्टन सड़क पर बिखर गए और देखते ही देखते मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लाल-लाल चमकते सेबों को सड़क पर बिखरा देखकर लोग खुद को रोक नहीं पाए और मिनटों में पूरा इलाका “सेब लूट” के तांडव में बदल गया।
लाल सेबों को देख उमड़ी भीड़, हर कोई उठा ले गया कार्टन
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक पलटते ही कुछ देर तक चालक और खलासी लोगों से मदद मांगते रहे, लेकिन भीड़ का ध्यान उनकी सुरक्षा से अधिक सेबों पर था। चंद मिनटों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग तक थैले, बाल्टी और झोले लेकर पहुंच गए। कोई कार्टन उठा रहा था तो कोई सीधे सड़क पर गिरे सेब बटोरने लगा।
देखते ही देखते पूरी सड़क लाल सेबों से भर गई और “सेब पकड़ो, जल्दी ले लो” जैसे शोर से इलाका गूंज उठा।

नासिक से रवाना हुई थी ट्रक, पूर्वोत्तर राज्यों की ओर जा रही थी खेप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह ट्रक महाराष्ट्र के नासिक से रवाना हुई थी और पूर्वोत्तर भारत के बाजारों में सेब की आपूर्ति के लिए जा रही थी। हादसा सोमवार की तड़के मरीचकोटा के श्मशान काली मंदिर के पास हुआ। चालक ने बताया कि अचानक सामने आए एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में ट्रक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क किनारे पलट गया।
ट्रक में करीब 20 टन सेब लदे थे जिनमें से लगभग आधे कार्टन सड़क पर फैल गए।
भीड़ ने मदद की जगह लूट मचाई, पुलिस पहुंची तो हो चुकी थी सफाई
हादसे के बाद चालक और खलासी ने स्थानीय लोगों से मदद की अपील की, लेकिन थोड़ी ही देर में भीड़ ने ट्रक को घेर लिया और सेब लूटने लगी। ट्रक मालिक की सूचना पर जब तक आसनसोल नॉर्थ थाना की पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक आधे से ज्यादा कार्टन गायब हो चुके थे।
पुलिस ने जब लोगों को रोकने की कोशिश की, तो भीड़ तितर-बितर होकर गलियों और खेतों में भाग खड़ी हुई। कुछ लोगों के घरों तक सेब से भरे कार्टन ले जाते देखे गए।
ट्रक मालिक ने जताई नाराजगी, कहा – ‘यह लूट है, मदद नहीं’
मौके पर पहुंचे ट्रक मालिक अशोक कुमार मिश्रा ने मीडिया से कहा, “हम हादसे के शिकार हुए हैं, लेकिन लोगों ने मदद करने के बजाय हमारे माल को लूट लिया। यह मानवता नहीं, अवसरवाद है।”
उन्होंने कहा कि ट्रक बीमा के बावजूद इतनी मात्रा में माल की चोरी से लाखों का नुकसान हुआ है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मुआवजे और जांच की मांग की है।
पुलिस ने शुरू की जांच, वीडियो से होगी पहचान
आसनसोल नॉर्थ थाना के प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और लोगों द्वारा बनाए गए मोबाइल वीडियो के आधार पर लूट में शामिल लोगों की पहचान की जाएगी।
पुलिस ने अपील की है कि “जो भी लोग सड़क से सेब उठाकर ले गए हैं, वे उसे वापस जमा करें, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
स्थानीयों का तर्क — ‘गरीबी में जो मिला, उठा लिया’
कुछ ग्रामीणों का कहना था कि ट्रक पलटने के बाद कोई गंभीर घायल नहीं था, इसलिए उन्होंने सेब उठा लिए। एक बुजुर्ग महिला ने कहा —
“हम गरीब लोग हैं, इतने महंगे सेब कभी खरीद नहीं सकते। ऊपरवाले ने मौका दिया तो उठा लिया।”
हालांकि कुछ जिम्मेदार नागरिकों ने इस रवैये की निंदा की और कहा कि हादसे के वक्त लोगों को सहायता करनी चाहिए थी, न कि लूट जैसी हरकत।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें, प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद से ही मरीचकोटा की यह “सेब लूट” सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कई लोगों ने सड़क पर सेब लूटते भीड़ के वीडियो साझा किए और लिखा कि “यह हमारी संवेदनहीनता की चरम सीमा है।”
वहीं कुछ लोगों ने पुलिस की देर से पहुंचने पर सवाल उठाए कि अगर प्रशासन तेजी से पहुंचता तो इतनी भारी मात्रा में नुकसान नहीं होता।
हादसा या सबक — इंसानियत से बड़ा लालच नहीं होना चाहिए
विशेषज्ञों का कहना है कि यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि समाज के नैतिक पतन का प्रतीक भी है। जहां मदद की जरूरत थी, वहां लोगों ने अवसर देखा। सेब के कुछ कार्टनों के लिए इंसानियत को ताक पर रख दिया गया।
आसनसोल पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। वहीं ट्रक चालक ने कहा —
“जान बच गई, यही बहुत है। बाकी लोगों ने जो किया, वह भूलने जैसा नहीं।”
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हम वाकई मददगार समाज में रह रहे हैं, या हर व्यक्ति अवसर मिलने पर ‘लूट’ को ही अपना अधिकार मानने लगा है।














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