
बर्नपुर : सामाजिक उत्थान और शिक्षा प्रसार के क्षेत्र में सक्रिय संस्था हमारा संकल्प ने एक बार फिर उदाहरण पेश किया है। संस्था द्वारा आयोजित वार्षिक सेवा अभियान ‘आओ खुशियां बांटें – 6.0’ का समापन रविवार को बर्नपुर के साउथ रोड स्थित मुख्यालय में हुआ। यह कार्यक्रम 4 नवंबर से 9 नवंबर 2025 तक सात विभिन्न स्थलों पर आयोजित किया गया, जिनमें पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के ग्रामीण व पिछड़े इलाके शामिल रहे।
संस्था के संस्थापक अजय कुमार सिंह के पूज्य पिता स्वर्गीय रबी शंकर सिंह की छठी पुण्यतिथि को समर्पित इस अभियान का उद्देश्य था— ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उन्हें आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना। इस अभियान के तहत संस्था ने 500 से अधिक बच्चों के बीच स्कूली बैग, पुस्तिकाएं, पेन, पेंसिल और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की।

कार्यक्रम का अंतिम चरण बर्नपुर में भव्य रूप से संपन्न हुआ, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य, नाट्य मंचन और संस्कृत श्लोक वाचन ने उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर बच्चों की मुस्कान और उत्साह ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा के प्रति जागरूकता का यह बीज अब गहराई तक बोया जा चुका है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष एवं उद्योगपति सुभाष चन्द्र अग्रवाला ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा — “समाज तभी प्रगति कर सकता है जब हर बच्चा शिक्षित हो। हमारी कोशिश है कि किसी भी बच्चे की शिक्षा आर्थिक तंगी के कारण अधूरी न रह जाए।” उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार स्वरूप स्कूल बैग और छात्रवृत्तियां प्रदान कीं।
इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में सुशील कुमार सिन्हा (निदेशक, बर्नपुर रिवरसाइड स्कूल), डॉ. पी. के. झा, पूर्णेन्दु चौधरी, बिमल मिहारिया, आईएसपी के एजीएम दुर्गेश कुमार, और सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट गौरी शंकर श्रीवास्तव उपस्थित थे। सभी ने संयुक्त रूप से संस्था के सामाजिक कार्यों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे प्रयासों के निरंतर संचालन की अपेक्षा जताई।
महिला समिति की अध्यक्षा मुनमुन राय के नेतृत्व में कार्यक्रम का संचालन किया गया। उनके साथ डोलन पाल, मौमिता चौधरी, मऊ दास, ज्योति बाला, दिपेन साहा, ललिता प्रसाद, सीता प्रसाद, बैजंती राजक, अरिंदम और मनोज प्रसाद सहित टीम के सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संस्था के संस्थापक अजय कुमार सिंह, जो वर्तमान में क्षेत्रीय आयुक्त–I, सीएमपीएफओ, कोयला मंत्रालय में पदस्थ हैं, ने अपने संदेश में कहा — “हमारा संकल्प सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है। हम निकट भविष्य में और अधिक ‘शिक्षा सहयोग केंद्र’ खोलने जा रहे हैं ताकि दूरदराज़ इलाकों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ हो सके।” उन्होंने आगे कहा कि संस्था का उद्देश्य केवल बच्चों को पढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें जीवन में आत्मनिर्भर बनाना है।

संस्था के महिला सशक्तिकरण अभियानों की भी इस अवसर पर चर्चा हुई। संस्था की टीम ने बताया कि महिलाओं के लिए चल रहे ‘सीखो और कमाओ’ कार्यक्रम के माध्यम से दर्जनों महिलाएं अब स्वरोजगार से जुड़ चुकी हैं। उन्हें सिलाई, ब्यूटी केयर, कंप्यूटर और हस्तकला जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को स्वादिष्ट नाश्ता, फलों और मिठाइयों का वितरण किया गया। पूरा वातावरण मानवीयता, शिक्षा और सेवा की भावना से सराबोर था। बच्चों की खिलखिलाहट और माता-पिता की आंखों में दिखता गर्व इस बात का संकेत था कि समाज में बदलाव के बीज अंकुरित हो चुके हैं।
संस्था के सदस्यों ने संकल्प लिया कि आगामी वर्षों में यह अभियान और भी व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा ताकि किसी भी गरीब बच्चे को शिक्षा से वंचित न रहना पड़े। बर्नपुर से लेकर बिहार और उत्तर प्रदेश के दूरदराज़ गांवों तक इस पहल ने यह संदेश दे दिया कि जब इरादा नेक हो और सहयोग सच्चा, तो बदलाव अवश्य संभव है।














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