
आसनसोल : बुधवार को आसनसोल शहर में टोटो चालकों का सब्र टूट गया। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के नाम पर पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा की जा रही धरपकड़ कार्रवाई के विरोध में सैकड़ों चालकों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते शहर की सड़कों पर टोटो का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया और आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। यात्री घंटों तक सड़कों पर फंसे रहे, जिससे शहर में अफरातफरी और तनावपूर्ण माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, बीते कुछ दिनों से परिवहन विभाग द्वारा बिना पंजीकरण वाले टोटो को जब्त करने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। बुधवार सुबह तक लगभग 150 टोटो को विभिन्न इलाकों से पकड़कर थानों में रखा गया था। इसी कार्रवाई से आक्रोशित चालकों ने अचानक हड़ताल का ऐलान कर दिया। तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी (इंटक) के जिला नेता राजू आहलूवालिया के नेतृत्व में चालकों ने नगर निगम कार्यालय के समक्ष विरोध रैली निकाली और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

राजू आहलूवालिया ने कहा कि राज्य सरकार ने टोटो के पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 नवंबर निर्धारित की है, जिसके अनुसार चालकों को समय दिया गया है। ऐसे में समय सीमा समाप्त होने से पहले ही टोटो जब्त करना अनुचित और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि “सरकार ने जो व्यवस्था बनाई है, उसका पालन किया जाना चाहिए, लेकिन विभागीय अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। गरीब चालकों की गाड़ी जब्त कर देना, उनके पेट पर लात मारने जैसा है।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में दलालों की सक्रियता बढ़ गई है। बिना रिश्वत दिए कार्य पूरे नहीं हो रहे हैं। कई चालक गरीब हैं, जो रोज़ कमाते और खाते हैं। ऐसे में लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की लंबी व महंगी प्रक्रिया उनके लिए बेहद कठिन है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि टोटो चालकों के लिए सरल, पारदर्शी और शीघ्र प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकें।
प्रदर्शन के दौरान शहर के मुख्य मार्ग—जीटी रोड, सेनरेले, कोर्ट मोड़, बस स्टैंड और हिल व्यू इलाके में टोटो चालकों ने आवाजाही रोक दी। कुछ स्थानों पर चालकों ने सड़कों पर खड़े टोटो को रोककर यात्रियों को उतरने के लिए मजबूर किया। इससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कार्यालय, स्कूल और बाजार जाने वाले लोगों को वैकल्पिक साधन खोजने पड़े।
सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की और वार्ता का प्रस्ताव दिया। काफी मशक्कत के बाद शाम तक चालकों ने अस्थायी रूप से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की, लेकिन चेतावनी दी कि यदि जब्त किए गए टोटो तुरंत नहीं छोड़े गए और प्रक्रिया को सरल नहीं बनाया गया, तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे।

आसनसोल नगर निगम के सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने टोटो चालकों की समस्याओं पर विचार करने का आश्वासन दिया है। वहीं परिवहन विभाग का कहना है कि बिना पंजीकरण के वाहन चलाना कानूनन अपराध है, इसलिए कार्रवाई आवश्यक है।
शहर के नागरिकों ने भी प्रशासन से अपील की कि वे इस समस्या का स्थायी समाधान निकालें। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “टोटो आम जनता का सबसे सुलभ यातायात साधन है। अगर यह सेवा बंद हो गई तो रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर पड़ेगा।”
अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन और परिवहन विभाग पर टिकी हैं कि वे इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं। बुधवार की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि नियम और रोज़गार के बीच संतुलन कैसे साधा जाए — ताकि व्यवस्था भी बनी रहे और जनता का जीवन भी न ठहरे।














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