
आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिला मुख्यालय में गुरुवार को जिला शासक एस. पन्ना बलम की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में जिले में चल रहे सोशल इम्पैक्ट रिव्यू (SIR) प्रोजेक्ट की प्रगति, चुनौतियां और भविष्य की रूपरेखा पर गहन चर्चा की गई। प्रशासनिक स्तर पर इसे एक “समीक्षा और सुधार” बैठक माना जा रहा है, जिसमें सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने सुझाव रखे।
बैठक में तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस, सीपीएम समेत अन्य दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिला शासक एस. पन्ना बलम ने बैठक की शुरुआत में कहा कि “SIR कार्य जिले के विकास की रीढ़ है और प्रशासन इसे पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रहा है।” उन्होंने बताया कि अब तक जिले में लगभग 87 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 13 प्रतिशत कार्य दिसंबर के अंत तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
जिला शासक ने बताया कि फील्ड में तैनात अधिकारियों और सुपरवाइज़रों को कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक ब्लॉक और पंचायत स्तर पर समीक्षा दल गठित किया गया है जो हर तीन दिन में रिपोर्ट जिला कार्यालय को सौंपेगा। उन्होंने कहा कि “जहां भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, वहां त्वरित जांच और सुधार की प्रक्रिया जारी है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता दोनों बनी रहें।”
बैठक में उपस्थित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। भाजपा प्रतिनिधि ने कहा कि कई इलाकों में सड़क मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। कांग्रेस प्रतिनिधि ने शिकायत की कि कुछ पंचायतों में योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं सीपीएम के प्रतिनिधि ने बिजली आपूर्ति में असमानता और कार्यों में धीमी गति पर प्रश्न उठाया।

इन सभी मुद्दों पर जिला शासक ने गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि “विकास राजनीति से ऊपर है। इसलिए सभी दलों से अपील है कि वे क्षेत्रीय विकास में सहयोग करें, ताकि किसी प्रकार की गलतफहमी या अवरोध न उत्पन्न हो।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि SIR कार्यों से संबंधित कुछ स्थानों पर स्थानीय स्तर पर विरोध या भ्रम फैलाने की कोशिशें हुई थीं, लेकिन प्रशासन ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया।
सूत्रों के अनुसार, जिला प्रशासन अब SIR प्रोजेक्ट के अंतिम चरण को लेकर “मिशन मोड” में काम कर रहा है। दिसंबर के पहले सप्ताह तक सभी लंबित योजनाओं को पूरा करने का आदेश दिया गया है। इसके लिए हर विभाग को समयसीमा और जवाबदेही तय की गई है।
बैठक में जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें अतिरिक्त जिला शासक (विकास) तपन चक्रवर्ती, एसडीओ (आसनसोल) संजय बर्मन, डीपीआरडीओ संदीप घोष और कई ब्लॉक विकास अधिकारी शामिल थे। अधिकारियों ने अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी सप्ताह में होने वाली फील्ड विज़िट्स की रूपरेखा भी साझा की।
बैठक के दौरान जिला शासक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विभाग में लापरवाही या विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “हर अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी समय पर निभानी होगी, अन्यथा कार्रवाई तय है।”
बैठक के अंत में प्रशासन ने निर्णय लिया कि प्रत्येक राजनीतिक दल से एक समन्वय प्रतिनिधि नियुक्त किया जाएगा जो SIR कार्यों से जुड़ी सूचनाएं सीधे जिला कार्यालय को देगा। इससे पारदर्शिता और जनता की भागीदारी दोनों को मजबूती मिलेगी।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह पहली बार है जब जिला प्रशासन ने विकास कार्यों की समीक्षा के लिए इतने व्यापक स्तर पर सर्वदलीय बैठक आयोजित की है। इससे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
बैठक के समापन पर एस. पन्ना बलम ने कहा कि “पश्चिम बर्धमान जिले का लक्ष्य सिर्फ योजनाओं को पूरा करना नहीं है, बल्कि ऐसा विकास करना है जो जनता के जीवन स्तर को स्थायी रूप से सुधार सके।”

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे हर गांव और वार्ड में जाकर जनता से सीधे संवाद करें, ताकि प्रशासनिक योजनाओं का वास्तविक प्रभाव समझा जा सके।
आसनसोल, दुर्गापुर और रानीगंज जैसे औद्योगिक इलाकों में भी SIR प्रोजेक्ट के तहत सामाजिक प्रभाव सर्वेक्षण चल रहा है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चला तो दिसंबर के अंत तक पश्चिम बर्धमान राज्य के सबसे अग्रणी जिलों में शामिल हो सकता है।
इस सर्वदलीय बैठक ने एक बात स्पष्ट कर दी — विकास के मुद्दे पर जिले के सभी राजनीतिक दल, विचारधारा से ऊपर उठकर, जनता की भलाई के लिए एकजुट दिखे।














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