
कुल्टी : कुल्टी विधानसभा क्षेत्र में रविवार का दिन राजनीतिक गतिविधियों से पूरी तरह गर्म रहा। तृणमूल कांग्रेस की अगुवाई में लछिपुर गेट से नियामतपुर न्यू रोड तक जोरदार विरोध मार्च निकाला गया, जिसने पूरे इलाके का माहौल आंदोलित कर दिया। “एसआईआर मानेंगे नहीं” के नारों से गूंजते इस मार्च में स्थानीय समस्याओं, प्रशासनिक असुविधाओं और जनता पर बढ़ते दबाव को लेकर सरकार व संबंधित विभागों के प्रति नाराज़गी स्पष्ट झलकती रही। भीड़ में वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने आंदोलन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
समस्या के विरोध में उठी एकजुट आवाज
रैली का मुख्य उद्देश्य एसआईआर (SIR) प्रक्रिया से आम नागरिकों को हो रही परेशानी को उजागर करना था। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के लागू होने से रोजमर्रा के कार्य प्रभावित हो रहे हैं और लोगों को अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
तृणमूल नेताओं ने इस मुद्दे को जनता के हितों से सीधा जुड़ा मामला बताते हुए कहा कि जब तक यह व्यवस्था लोगों के अनुकूल नहीं बनती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

बच्चू राय बोले — “जनता की तकलीफ को अनदेखा नहीं किया जा सकता”
मार्च में शामिल टीएमसी नेता बच्चू राय ने मीडिया को बताया कि एसआईआर से जुड़ी कठिनाइयों ने लोगों के जीवन को प्रभावित कर दिया है। उनके अनुसार—आम नागरिकों को छोटे-छोटे कामों के लिए भी कई दिनों तक इंतज़ार करना पड़ रहा हैकई जगहों पर आवश्यक सेवाओं पर असर पड़ रहा हैलोग समाधान के लिए विभागों के चक्कर काट रहे हैंउन्होंने कहा कि जनता की परेशानी देखकर चुप रहना संभव नहीं है। विरोध मार्च इसी चिंता की आवाज़ है।

पूर्व विधायक उज्ज्वल चटर्जी ने साधा निशाना
विरोध जुलूस में पूर्व विधायक उज्ज्वल चटर्जी की मौजूदगी विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कर रही थी। उन्होंने कहा कि एसआईआर की मौजूदा व्यवस्था लोगों के लिए बोझ साबित हो रही है।उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया—“हम जनता के साथ खड़े हैं। कोई भी ऐसी प्रणाली स्वीकार नहीं की जाएगी जो आम आदमी के लिए परेशानी बने। जब तक समाधान नहीं मिलता, यह संघर्ष जारी रहेगा।”
उन्होंने प्रशासन से इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई कर व्यवस्था में सुधार की मांग की।
बड़े पैमाने पर कार्यकर्ताओं की भागीदारी
रविवार के इस विरोध मार्च में पार्टी नेताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, समर्थक और आम नागरिक भी शामिल हुए।
मार्च में उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे—पूर्व विधायक उज्ज्वल चटर्जी,टीएमसी नेता कंचन राय,स्थानीय टीएमसी पदाधिकारी,विभिन्न वार्डों के कार्यकर्ता . उनकी मौजूदगी से यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर गंभीर है और आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक हो सकता है।

सड़कों पर उमड़ा जनसमुदाय
मार्च के दौरान महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भी भागीदारी देखने को मिली। रास्ते-रास्ते लोग अपने-अपने तरीके से नारे लगाते हुए समस्याओं को सबके सामने रखते रहे।स्थानीय दुकानदार और राहगीर भी जुलूस को देखते हुए अपने विचार व्यक्त करते देखे गए। कई लोगों का कहना था कि यदि एसआईआर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो भविष्य में और भी बड़े आंदोलन देखने को मिल सकते हैं।
प्रशासनिक सुधार की मांग
टीएमसी नेताओं ने मार्च के अंत में प्रशासन को संदेश दिया कि—एसआईआर व्यवस्था को सरल बनाया जाए,आम जनता के लिए आवश्यक दस्तावेज़ी प्रक्रिया कम की जाए,संबंधित कार्यालयों में समयबद्ध निपटान सुनिश्चित किया जाए,जनता की शिकायतों पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जाए
नेताओं ने कहा कि जनता को राहत देने के लिए सरकार और विभागों को मिलकर ठोस कदम उठाने होंगे, तभी समस्या का स्थायी समाधान संभव है।














Users Today : 3
Users Yesterday : 30