आसनसोल : सोमवार को आसनसोल कोर्ट परिसर एक बार फिर लोगों की बड़ी भीड़ का साक्षी बनने जा रहा है। अदालत में आगामी लोक अदालत सत्र को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। वर्षों से लंबित मामलों से परेशान लोगों के लिए यह अवसर आशा की एक नई किरण बनकर सामने आया है। लोक अदालत का उद्देश्य न्याय को सरल, सुलभ और त्वरित रूप से आम नागरिकों तक पहुँचाना है, विशेषकर उन लोगों तक जो सामान्य अदालतों की जटिलताओं और खर्च को वहन नहीं कर पाते।

अदालत प्रशासन के अनुसार, इस बार लोक अदालत में उन मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जिनका समाधान आपसी सहमति से जल्द संभव है। इनमें ट्रैफिक चालान, पारिवारिक विवाद, भूमि एवं संपत्ति से जुड़े मामले, बैंक ऋण और बिजली बिल के बकाया मामले शामिल हैं। लोक अदालत का यह मॉडल वर्षों से आम लोगों के लिए राहत का माध्यम रहा है, क्योंकि यहां एक ही दिन में कई मामलों का निपटारा संभव हो जाता है।
लोक अदालत अधिकारी अम्रपाली चक्रवर्ती ने बताया कि इस तरह के आयोजन उन लोगों के लिए बेहद सहायक होते हैं जो महीनों और वर्षों तक अदालतों के चक्कर काटने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोक अदालत न केवल समय की बचत करती है, बल्कि मामले के समाधान के लिए दोनों पक्षों को न्यायिक माहौल में संवाद का अवसर भी देती है।
उन्होंने यह भी बताया कि कई मामलों में लोग भारी कानूनी शुल्क वहन नहीं कर पाते, जिसके कारण विवाद वर्षों तक अटका रहता है। लेकिन लोक अदालत में नाम मात्र के खर्च पर समाधान उपलब्ध होता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को न्याय की राह आसान हो जाती है।

सोमवार को होने वाली लोक अदालत में जेल में बंद उन कैदियों के मामलों की भी समीक्षा होगी जिनके केस लंबे समय से लंबित हैं। अधिकारी अम्रपाली चक्रवर्ती ने बताया कि कई कैदी ऐसे हैं जो मामूली अपराध के मामलों में वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यदि उनके मामले लोक अदालत के दायरे में आते हैं, तो उन्हें कानूनी प्रावधानों के अनुसार राहत मिल सकती है।
अदालत परिसर में लोक अदालत के आयोजन को सुव्यवस्थित रखने हेतु विशेष हेल्प डेस्क, अलग-अलग केस श्रेणियों के लिए विशेष काउंटर और गाइडेंस केंद्र बनाए गए हैं, जहां लोग अपने मामले से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। कोर्ट प्रशासन का मानना है कि इन व्यवस्थाओं से लोगों को भटकने या लम्बी कतारों में खड़े रहने की नौबत नहीं आएगी।

सूत्रों के अनुसार, इस बार हजारों लोग लोक अदालत में अपने मामलों के समाधान की उम्मीद से पहुँचेंगे। अदालत ने अनुमान लगाया है कि सैकड़ों मामलों का निपटारा एक ही दिन में संभव होगा, जिससे अदालत का लंबित केस भार काफी कम होगा। इससे न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को अपने विवादों से जल्द राहत मिलेगी।
न्यायिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जिनके मामले लोक अदालत की श्रेणी में आते हैं, वे मौके का लाभ अवश्य उठाएँ। लोक अदालत का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह प्रक्रिया आपसी सहमति पर आधारित होती है, जिससे विवाद वहीं समाप्त हो जाता है और आगे किसी कानूनी लड़ाई की आवश्यकता नहीं रहती।
सोमवार का यह आयोजन आम लोगों के लिए न सिर्फ न्याय प्राप्ति का माध्यम होगा, बल्कि अदालतों के भार को कम करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














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