आसनसोल : शिल्पांचल में अवैध बालू तस्करी को लेकर आसनसोल (दक्षिण) विधायक व भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव अग्निमित्रा पाल ने मंगलवार को गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासनिक तत्परता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में बालू का अवैध खनन बेखौफ तरीके से जारी है, और स्थानीय प्रशासन की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे पर उन्होंने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विस्तृत दस्तावेज तैयार कर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपे जा रहे हैं ताकि इस व्यापक अवैध कारोबार की जांच जल्द शुरू की जा सके।

प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप, तस्करों की सूची सौंपी
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि दक्षिण विधानसभा के कई इलाकों में दिन-रात बालू उठाव हो रहा है, जिससे दामोदर नदी के अस्तित्व पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे नेटवर्क में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ठेकेदार और बालू माफिया शामिल हैं।
विधायक ने एक सूची जारी की जिसमें उन्होंने पप्पू, विवेक, अविनाश और झंटू नामक व्यक्तियों पर तस्करी गिरोह चलाने का आरोप लगाया। पाल का कहना है कि अवैध कारोबारियों की इतनी सक्रियता तभी संभव है जब पुलिस-प्रशासन खामोश दर्शक बनकर बैठा हो। उन्होंने यह भी कहा कि यदि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता, तो वे इस मुद्दे को राज्य स्तर से लेकर केंद्र स्तर तक उठाएँगी।

वार्ड 87 के पार्षद पर भी सीधा आरोप
पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने वार्ड 87 के एक पार्षद पर मासिक वसूली लेने का आरोप लगाया। पाल ने दावा किया कि यह पार्षद स्थानीय माफियाओं से पैसे लेकर बालू उठाव पर मौन स्वीकृति देता है। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में नगर निगम के मेयर, डिप्टी मेयर और चेयरमैन को शिकायत सौंपेंगी और मांग करेंगी कि भ्रष्टाचार में शामिल जनप्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
हालाँकि, पार्षद का पक्ष उपलब्ध नहीं हो सका, लेकिन पाल का कहना था कि “जनप्रतिनिधि का दायित्व जनता की सेवा है, न कि अवैध धंधे को संरक्षण देना।”

दामोदर नदी की स्थिति पर जताई गंभीर चिंता
अग्निमित्रा पाल ने पूर्व में गिरफ्तार किए गए ‘सैंड किंग’ कहे जाने वाले अरुण सर्राफ का उल्लेख करते हुए कहा कि दामोदर नदी की प्राकृतिक संरचना बिगाड़ दी गई है।
उन्होंने बताया कि अवैध खनन के कारण नदी के कई मोड़ बदल गए हैं, जिससे भविष्य में भारी बाढ़, मिट्टी कटाव और पर्यावरणीय क्षति की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि यदि स्थिति ऐसी ही बनी रही, तो आने वाले वर्षों में दामोदर नदी का स्वरूप पूरी तरह नष्ट हो जाएगा।
SSC भर्ती में नए घोटाले का दावा, राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया
बालू तस्करी के मुद्दे के साथ-साथ उन्होंने राज्य सरकार पर शिक्षा भर्ती को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया। पाल ने कहा कि नई एसएससी भर्ती परीक्षा में पुराने और नए अभ्यर्थियों को एक साथ परीक्षा देने के लिए बाध्य किया गया, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्य अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने से रोक दी थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि “ममता सरकार संगठित तरीके से अयोग्यों को नौकरी दिलाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि योग्य और पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरी देने की इच्छा सरकार में नहीं है।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नीतिश रंजन वर्मन नामक व्यक्ति को पकड़ा गया, जो परीक्षा में अनियमितता का हिस्सा था।

डामरा निवासी शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
अग्निमित्रा पाल ने डामरा के रहने वाले शिक्षक अरूप हाजरा की प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्ति पर भी प्रश्न चिह्न लगाया। उनके अनुसार, हाजरा तृणमूल के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और पहले बीएलओ के रूप में नियुक्त थे।
पाल ने कहा, “2016 में उन्हें नौकरी कैसे मिली, यह स्पष्ट होना चाहिए। यदि तृणमूल सरकार ने गलत तरीके से नौकरी दी है, तो बीजेपी सरकार आने पर इन सभी मामलों की गहन जांच होगी।”
उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाले लोगों को प्राथमिकता देकर योग्य उम्मीदवारों का हक छीना गया है।
कड़े शब्दों में चेतावनी, जाँच न होने पर आंदोलन का संकेत
अंत में विधायक ने कहा कि यदि प्रशासन ईमानदारी से बालू तस्करी, भ्रष्टाचार और भर्ती घोटाले की जांच नहीं करता, तो वे आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा, “यह क्षेत्र अवैध कारोबार का अड्डा बन चुका है। अब जनता को न्याय दिलाने के लिए कड़ा कदम उठाना ही पड़ेगा।”














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