ईडी की समन्वित कार्रवाई से कोयला–बालू नेटवर्क में भगदड़ मची

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल : शुक्रवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध कोयला खनन, तस्करी और उससे जुड़े धन शोधन नेटवर्क को निशाना बनाते हुए पश्चिम बंगाल–झारखंड सीमा पर एक साथ कई स्थानों पर दबिश दी। तड़के शुरू हुई इस अभियान ने कोयला और बालू तस्करी से जुड़े गिरोहों में गहरी दहशत पैदा कर दी। ईडी का फोकस उन नेटवर्कों पर है जो बीते कुछ वर्षों में सीमा क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहे हैं और जिन पर सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप लगते रहे हैं।

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

आसनसोल स्थित प्रमुख कार्यालय परिसर में एजेंसी ने सबसे पहले कर्मचारियों और प्रबंधकीय अधिकारियों को एक स्थान पर एकत्र किया और विभिन्न विभागों के वित्तीय दस्तावेज़, कंप्यूटर, हार्ड-ड्राइव और संवेदनशील रिकॉर्ड खंगालने शुरू किए। टीम को संदेह है कि कई कंपनियों और कार्यालयों का इस्तेमाल अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए किया गया। जांच दल लगातार डिजिटल साक्ष्यों, ई-मेल ट्रेल, अकाउंट स्टेटमेंट और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज़ों की जांच कर रहा है।

IMG 20251121 WA0029

ईडी की इस कार्रवाई का दायरा काफी व्यापक है। इसी कोयला–बालू सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों के घरों, कार्यालयों और गोडाउन में भी छापेमारी जारी है। सूत्रों ने बताया कि कई परिसरों में तिजोरियां, नकदी रखने वाले ट्रंक और लेजर-बुक्स की तलाशी ली जा रही है। प्रारंभिक तौर पर कुछ मोबाइल फोन और कंप्यूटर जब्त किए गए हैं, जिनमें महत्वपूर्ण डेटा होने की संभावना है।

IMG 20250511 WA0050

दुर्गापुर–पांडवेश्वर पट्टी में भी सुबह से हलचल रही। पांडवेश्वर के खोट्टाडीह दोना पाड़ा इलाके में ईडी ने युधिष्ठिर घोष के घर में करीब 5 बजे छापेमारी शुरू की। केंद्रीय बलों ने पूरे परिसर को घेर लिया और किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश नहीं करने दिया गया। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युधिष्ठिर घोष पहले भी कोयला कारोबार में अनियमितताओं के एक मामले में जेल जा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर हैं। इस बीच, क्षेत्र में चर्चा है कि घोष हाल के वर्षों में अजय नदी के कई घाटों से अवैध बालू निकालने की गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं, जिससे जांच का दायरा और व्यापक हो गया है।

दुर्गापुर के बिधान नगर क्षेत्र में भी शुक्रवार को ईडी का ऑपरेशन खासा सक्रिय रहा। यहां शालनपुरिया परिवार से जुड़े एक घर पर सुबह से सर्च चल रहा है। बताया जाता है कि इस परिसर में सुशांत गोस्वामी रहते हैं, जिनका नाम कोयला तस्करी के कई हलकों में पहले भी चर्चा में रहा है। एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या सुशांत गोस्वामी का संबंध कुख्यात कोयला कारोबारी नारायण खडका के कार्यालय से है या वह किसी सुरक्षात्मक भूमिका में उससे जुड़े हुए थे।

सूत्रों का कहना है कि इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ नकदी और संपत्ति जब्त करना नहीं, बल्कि उस बड़े वित्तीय नेटवर्क को समझना है, जिसके सहारे सीमा क्षेत्र में अवैध कोयला–बालू कारोबार फलते–फूलते रहे। ईडी को आशंका है कि कमाई को वैध दिखाने के लिए हवाला, फर्जी कंपनियों और नकली बिलिंग का एक बड़ा ढांचा तैयार किया गया था।

IMG 20240918 WA0025

दिनभर चले इस अभियान से पश्चिम बर्दवान और झारखंड की सीमा से सटे कस्बों में खासी हलचल रही। कई स्थानों पर लोग घरों से बाहर निकलकर कार्रवाई को लेकर चर्चा करते दिखाई दिए। एजेंसी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच आगे और व्यापक होगी और आने वाले दिनों में एक–दो बड़ी गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

ईडी की यह कार्रवाई कोयला–बालू माफिया के नेटवर्क पर सीधा वार मानी जा रही है, जिसने पिछले कई वर्षों से पूरे क्षेत्र में एक समानांतर शक्ति संरचना तैयार कर ली थी। शुक्रवार का यह ऑपरेशन उस लंबे अभियान की शुरुआत माना जा रहा है, जिसका लक्ष्य तस्करी तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 3 5 4 7
Users Today : 30
Users Yesterday : 37