आसनसोल : शनिवार को तृणमूल कांग्रेस में अचानक सियासी हलचल उस समय तेज हो गई, जब पार्टी के राज्य संपादक वी. शिवदासन दासु ने अपने सोशल मीडिया पेज पर लाइव आकर जिला संगठन की निष्क्रियता पर तीखी नाराजगी जताई। दासु ने पिछले कुछ दिनों में भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर लगातार हो रहे राजनीतिक हमलों का संदर्भ देते हुए कहा कि “यह स्वाभाविक है कि विरोधी दल हमला करेगा, परंतु चिंताजनक यह है कि जिले के टीएमसी नेताओं की आवाज़ बिल्कुल गायब है।”

उन्होंने कहा कि वह कई दिनों से जिला नेतृत्व की प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे थे, ताकि भाजपा द्वारा किए जा रहे आक्रामक बयानों का जवाब दिया जाए, लेकिन जब किसी भी नेता या जनप्रतिनिधि ने प्रतिवाद नहीं किया तो वे स्वयं सामने आए। उन्होंने इसे “अनुचित चुप्पी” बताते हुए टीएमसी नेताओं को कठोर संदेश दिया कि संगठन के सिपाही होने के नाते किसी भी परिस्थिति में भाजपा के दबाव में आने की आवश्यकता नहीं है।
दासु ने कहा कि भाजपा के पास भले ही केंद्रीय जांच एजेंसियों की ताकत हो, परंतु इससे घबराकर टीएमसी कार्यकर्ताओं को चुप बैठ जाना पार्टी की संस्कृति नहीं है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि “ममता बनर्जी ने अपनी राजनीतिक ताकत भाजपा की कृपा से नहीं, बल्कि बंगाल की जनता के विश्वास से प्राप्त की है। इसलिए टीएमसी नेतृत्व को भाजपा के किसी भी बयान का पलटवार उसी दमखम से करना चाहिए।”

राज्य संपादक ने यह भी कहा कि भाजपा नेताओं की ओर से दिए जा रहे विवादित बयान केवल सियासी रणनीति का हिस्सा हैं। चुनाव नजदीक आते ही आरोप-प्रत्यारोप तेज होना स्वाभाविक है, परंतु इसका यह मतलब नहीं कि टीएमसी के स्थानीय नेता मौन रहकर भाजपा को एकतरफा मैदान देते रहें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि “राजनीतिक जवाब मौके पर और मजबूती से दिया जाता है, न कि सोशल मीडिया पर केवल पोस्ट लाइक करके।”
लाइव के दौरान दासु ने टीएमसी के कार्यकर्ताओं और जिला पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें यह हमेशा याद रखना चाहिए कि पार्टी में उनके सम्मान और पहचान का आधार एक ही है—ममता बनर्जी। इसलिए शीर्ष नेतृत्व के सम्मान की रक्षा करना हर कार्यकर्ता की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि “अगर भाजपा आक्रामक है तो हमें उससे भी अधिक मजबूती से जवाब देना चाहिए। जनता ने तीन बार ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाया है और 2026 में भी वह चौथी बार शपथ लेंगी, इसका फैसला जनता करेगी, न कि भाजपा की बयानबाजी।”

दासु ने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक लड़ाई केवल दिल्ली-कोलकाता तक सीमित नहीं होती, बल्कि जिला स्तर पर सक्रियता ही चुनावी रणनीति को मजबूत बनाती है। उन्होंने जिला संगठन को सलाह दी कि वे भाजपा के हर बयान, हर आरोप और हर दुष्प्रचार का विवेकपूर्ण तथा तीखे स्वर में प्रतिवाद करें, क्योंकि मौन रहना भाजपा की रणनीति को और ताकत देता है।
लाइव के अंत में दासु ने अपने साथियों को यह संदेश देते हुए कहा कि संगठन तभी मजबूत होता है जब उसके नेता और कार्यकर्ता चुनौतियों के समय खड़े नज़र आते हैं। उन्होंने कहा कि “टीएमसी की रीढ़ जनता का विश्वास और ममता बनर्जी का नेतृत्व है, और यदि कोई भी नेता चुप बैठा रहेगा तो यह जनता के विश्वास का अपमान होगा।”














Users Today : 30
Users Yesterday : 37