उर्दू कॉलेज की मांग के बीच विवाद, प्राथमिकताओं पर उठे सवाल

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल :  रविवार को आसनसोल में उर्दू भाषी समुदाय की पुरानी मांग—एक समर्पित उर्दू कॉलेज की स्थापना—एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई। लंबे समय से शहर में उर्दू माध्यम के छात्रों को उच्च शिक्षा सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय समाजसेवी, शिक्षाविदों और अभिभावकों का कहना है कि उर्दू में स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा के अभाव में बड़ी संख्या में छात्र दूसरे शहरों की ओर पलायन करते हैं।

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

इसी मुद्दे को लेकर इन दिनों नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा नेता और आसनसोल के पूर्व मेयर जितेन्द्र तिवारी ने आरोप लगाया है कि उर्दू भाषी लोगों की मूलभूत मांगों को अनदेखा करते हुए ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनका उर्दू भाषा या उसके साहित्यिक विकास से सीधा संबंध नहीं है। उनके अनुसार उर्दू कॉलेज की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है।

उर्दू कॉलेज की आवश्यकता क्यों गंभीर मुद्दा?

आसनसोल और इसके आसपास के कई इलाकों में उर्दू बोलने वाली आबादी बड़ी संख्या में निवास करती है। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर उर्दू माध्यम की कई स्कूलें मौजूद हैं, परंतु उच्च शिक्षा के लिए उर्दू विषय में विकल्प बेहद सीमित हैं। शिक्षाविदों का कहना है कि उर्दू कॉलेज की स्थापना से न केवल उर्दू माध्यम के छात्रों को अपना भविष्य संवारने में सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र में उर्दू साहित्य, इतिहास और संस्कृति के संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।

कई अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे उच्च अध्ययन के लिए अन्य शहरों में जाते हैं, तो उन पर आर्थिक बोझ बढ़ जाता है। यदि आसनसोल में ही ऐसा कॉलेज खुल जाए तो न तो बच्चों को बाहर जाना पड़ेगा, न ही अभिभावकों पर अतिरिक्त खर्च का दबाव पड़ेगा।

IMG 20250511 WA0050

कार्यक्रम को लेकर विवाद क्यों बढ़ा?

पश्चिम बंगाल उर्दू अकादमी द्वारा आगामी 1 दिसंबर को भोजपुरी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा के बाद यह विवाद और तेज हो गया। जितेंद्र तिवारी का कहना है कि कार्यक्रम स्वयं समस्या नहीं है, लेकिन उर्दू अकादमी जैसे संस्थान का प्राथमिक उद्देश्य उर्दू भाषा से जुड़े शैक्षणिक व सांस्कृतिक विकास को बढ़ावा देना है। ऐसे में उर्दू कॉलेज की मांग अधूरी रहते हुए अन्य कार्यक्रमों को महत्व देना समुदाय की भावनाओं की उपेक्षा जैसा है।

तिवारी ने कहा—“हमारा विरोध कार्यक्रम से नहीं, प्राथमिकताओं से है। जब उर्दू कॉलेज की जरूरत स्पष्ट है, तो उस दिशा में पहल क्यों नहीं हो रही? केवल कार्यक्रम कराने से छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा।”

समुदाय की नाराजगी और भविष्य का संकेत

उर्दू भाषी समुदाय के प्रतिनिधियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि सरकार और प्रशासन यदि उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाते, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। उनका कहना है कि पिछले कई वर्षों से इस संबंध में ज्ञापन दिए गए, बैठकें की गईं, परंतु आश्वासन के अलावा कोई वास्तविक प्रगति नहीं हुई।

समुदाय के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने कहा—“सांस्कृतिक आयोजन महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शिक्षा उससे कहीं ऊपर है। युवाओं का करियर कार्यक्रमों से नहीं बनता। सरकार को यह समझना होगा कि उर्दू कॉलेज की स्थापना सिर्फ मांग नहीं, आवश्यकता है।”

IMG 20240918 WA0025

सरकार पर बढ़ता दबाव

इस पूरे विवाद के बाद राजनीतिक समीकरण भी गर्म हो गए हैं। विपक्ष इसे सरकार की ‘उपेक्षात्मक नीति’ बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि उर्दू भाषा और उसके साहित्य को आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि उर्दू कॉलेज पर कोई ठोस घोषणा अभी तक नहीं की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही पहल नहीं की गई तो यह मुद्दा आने वाले चुनावों में भी प्रभाव डाल सकता है। उर्दू भाषी समुदाय की जनसंख्या को देखते हुए यह एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर राजनीतिक दल भी अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट जाएंगे।

क्या मिलेगी मांग को मंजूरी?

अब सबकी निगाहें प्रशासन और राज्य सरकार पर टिकी हैं। समुदाय को उम्मीद है कि वर्षों से लंबित यह मांग अब पूरा रूप लेगी और आसनसोल को एक ऐसा उर्दू कॉलेज मिलेगा जो प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बनेगा।

फिलहाल, उर्दू कॉलेज की मांग को लेकर उठे नए विवाद ने शिक्षा, राजनीति और सांस्कृतिक गतिविधियों की प्राथमिकताओं को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में प्रशासन की प्रतिक्रिया ही तय करेगी कि यह विवाद शांत होगा या आंदोलन का रूप लेगा।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 3 5 4 7
Users Today : 30
Users Yesterday : 37