आसनसोल : गुरुवार को शिल्पांचल के औद्योगिक क्षेत्रों में कोयला आपूर्ति की बाधित होती श्रृंखला और रोड सेल में आ रही भारी गिरावट को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई। बंगाल–झारखंड की सीमा पर सक्रिय अवैध कोयला गिरोहों के दबदबे ने ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) और भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) दोनों को भारी नुकसान पहुंचाया है। दिन-प्रतिदिन बढ़ते अवैध वसूली तंत्र और गिरोहबंदी ने न केवल सड़क मार्ग से कोयला परिवहन को प्रभावित किया है बल्कि वैध खरीदारों और वाहनों के मालिकों को भी असहाय बना दिया है।

सिंडिकेट दबदबे से कोयला कारोबार ठप जैसा
ईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों—सातग्राम, काजोड़ा, श्रीपुर, पांडवेश्वर, झांझरा और सोनपुर बाजारी में पिछले कई महीनों से सिंडिकेट के गुर्गों द्वारा खुलेआम कथित रंगदारी वसूले जाने की शिकायतें थीं। डीओ होल्डरों के अनुसार प्रति टन दो हजार रुपये तक ‘गुंडा शुल्क’ वसूला जा रहा था, जबकि वाहन मालिकों से मनमाने ढंग से छह से आठ हजार रुपये लिए जाते थे। इस दबाव का सीधा प्रभाव कंपनी के रोड सेल पर पड़ा और वैध ढंग से कोयला उठाना मुश्किल होने लगा।
इस कारण नॉन-पावर उपभोक्ताओं ने धीरे-धीरे सड़क के स्थान पर रेल रैक को प्राथमिकता देना शुरू किया। रैक सेल बढ़ती गई और रोड सेल सीमित होने लगा। कई क्षेत्रों में तो प्रतिदिन 100 तक रैक लगने लगे, जबकि रोड सेल कुछ हजार टन में सिमट गई। इससे ट्रांसपोर्टरों का कारोबार भी चरमरा गया है। वाहन मालिकों से लेकर ड्राइवर–खलासी तक आर्थिक संकट में फंस गए।

ईडी की कार्रवाई के बाद सतर्कता पहले से ज्यादा सक्रिय
पिछले सप्ताह प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 44 स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी के बाद पूरे कोयला कारोबार में खलबली मची हुई है। कार्रवाई में 14 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, सोना–चांदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त हुए, जो गिरोह के विशाल नेटवर्क की ओर संकेत करते हैं।
इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्य सतर्कता आयुक्त (CVC) ने ईसीएल में कड़े निर्देश जारी किए। मुख्य सतर्कता अधिकारी दीप्ति पटेल ने कोलियरियों, ओसीपी, स्टॉकयार्ड तथा बिक्री इकाइयों में निगरानी बढ़ा दी है। सभी एजेंट–मैनेजर, सेल्स मैनेजर और सुरक्षा टीमों को सतर्क रहने तथा किसी भी स्तर पर मिलीभगत पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सीआईएसएफ को भी संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश मिले हैं। कंपनी के भीतर यह माना जा रहा है कि अब प्रशासन सीधे ‘लीकेज पॉइंट’ की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाएगा।
प्रबंधन ने बुलाई आपात उपभोक्ता बैठक
लगातार घटते रोड सेल और बढ़ते रोष को देखते हुए ईसीएल प्रबंधन ने शुक्रवार को संकल्प हॉल, सांकतोड़िया में एक महत्वपूर्ण उपभोक्ता बैठक (कंज्यूमर मीट) बुलाने का निर्णय लिया है। यह बैठक सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी, जिसमें ईसीएल के सीएमडी, निदेशक मंडल और विपणन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
नॉन-पावर एफएसए उपभोक्ता, डीओ होल्डर और अन्य वैध खरीदारों की समस्याओं को सुनकर समाधान की दिशा तय की जाएगी। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी थी कि यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो वे कोयला उठाना बंद कर देंगे—यही बात प्रबंधन के लिए बड़ा दबाव बनी हुई है।

व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों का धैर्य जवाब दे रहा
कुल्टी, रानीगंज, अंडाल, सालानपुर, बाराबनी और पांडवेश्वर के कई ट्रांसपोर्टरों ने बताया कि वे माहभर से आर्थिक संकट झेल रहे हैं। रैक उपलब्धता कम होने के कारण स्टॉक की निकासी रुक गई है।
कई व्यापारियों ने ईडी अधिकारियों से मिलकर सारी स्थिति बताने की तैयारी भी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि इस परिस्थिति में आगे व्यापार चलाना नामुमकिन होता जा रहा है।
व्यवस्था सुधार की उम्मीद लेकिन रास्ता कठिन
ईसीएल प्रशासन का कहना है कि सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं और सुधारात्मक कार्रवाई शुरू हो चुकी है। हालांकि जमीन पर स्थिति उतनी तेज़ी से नहीं बदल पा रही है, जितनी अपेक्षित है।
कोयला उद्योग से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि ईडी और सीवीसी की कड़ी निगरानी के बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होंगे, अवैध वसूली पर रोक लगेगी और रोड सेल फिर से संतुलित स्तर पर पहुंच सकेगा।
फिलहाल, शिल्पांचल का कोयला कारोबार भारी उथल-पुथल से गुजर रहा है और सभी की नजरें आने वाले कुछ सप्ताहों में प्रशासन के कदमों पर टिकी हुई हैं।














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