कोलकाता/आसनसोल : पश्चिम बंगाल पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान कथित अनियमितता और बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की आशंका के बीच पुलिस ने रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक कई स्थानों पर संयुक्त अभियान चलाकर एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों से कुल 32 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कई परीक्षार्थी भी शामिल बताए जा रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह लिखित परीक्षा में डिजिटल उपकरणों और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से नकल करवाने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने आरोपितों से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संदिग्ध दस्तावेज, कीमती सामान और वाहन जब्त किए हैं, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
बरामदगी में चौंकाने वाले तथ्य
छापेमारी के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण और आपत्तिजनक सामग्री मिली, जिनमें शामिल हैं— 272 संदिग्ध एडमिट कार्ड। लगभग 70 मोबाइल फ़ोन। कई पहचान पत्र, बैंक पासबुक और चेकबुक। ब्लूटूथ आधारित संचार उपकरण। 40 कलाई घड़ियाँ। नोटबुक, स्टेनरी व अन्य दस्तावेज। 10 सोने की चेन। एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन। दो अन्य गाड़ियाँ और एक पानी का टैंकर। पुलिस का मानना है कि ये उपकरण परीक्षा में नकल कराने, पहचान छिपाने और परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा करने के उद्देश्य से उपयोग किए जा रहे थे।

फर्जीवाड़े का तरीका—श्राद्ध की आड़ में गुप्त कक्ष
जांच में सामने आया कि आरोपी गिरोह ने ग्रामीण क्षेत्र में एक खेत के भीतर श्राद्ध का बहाना बनाकर पंडाल तैयार किया, जहाँ से कथित तौर पर प्रश्नों के उत्तर संचार माध्यमों से भेजे जा रहे थे। पुलिस को संदेह है कि गिरोह लंबे समय से बेईमानी के जरिए भर्ती परीक्षाओं में पास करवाकर आर्थिक लाभ कमा रहा था।
कहाँ-कहाँ हुई गिरफ्तारियाँ
झारखंड के झरिया थाना क्षेत्र स्थित एक लॉज से 22 आरोपी गिरफ्तार। बुदबुद थाना अंतर्गत कलमडांगा गाँव से 10 संदिग्ध पकड़े गए। पकड़े गए लोगों में परीक्षार्थियों के अलावा होटल कर्मी, टेंट बनाने वाले और वाहन चालक भी शामिल हैं, जिससे आशंका है कि यह सुव्यवस्थित नेटवर्क था।

वरिष्ठ अधिकारियों ने की समीक्षा
घटना के बाद बर्दवान रेंज के डीआईजी श्याम सिंह और पुलिस अधीक्षक सायक दास ने कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रबंधन और निगरानी तंत्र की विस्तृत समीक्षा की।
जांच जारी, गिरोह का नेटवर्क तलाश रही पुलिस
पुलिस अब गिरफ्तार लोगों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि प्रश्नपत्र की जानकारी कैसे प्राप्त की जा रही थी और क्या बोर्ड या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता है।
परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों में भी इस घटना को लेकर गहरी नाराज़गी और चिंता देखने को मिली है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि ऐसे गिरोह योग्य उम्मीदवारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।














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