आसनसोल : नगर निगम क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। सोमवार को श्रमिक संगठन आईएनटीटीयूसी के उत्तर ब्लॉक-1 अध्यक्ष राजू अहलूवालिया ने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में एक विस्तृत शिकायत-पत्र सौंपकर निगम के अधीन कार्यरत पार्किंग संचालक एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

राजू अहलूवालिया का आरोप है कि नगर निगम ने बीते वर्षों में शहर के प्रमुख स्थानों पर पार्किंग स्थलों का आवंटन शुल्क लेकर कई निजी व्यक्तियों तथा एजेंसियों को दिया था। किन्तु इन एजेंसियों ने शर्तों का पालन न करते हुए न केवल अनुबंधित राशि निगम को जमा नहीं की, बल्कि अवैध वसूली, बिलिंग में हेराफेरी और मनमानी करने की प्रवृत्ति अपनाई। बताया जा रहा है कि लगभग दो वर्ष के भीतर निगम को अनुमानतः ढाई करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में निगम के कार्यकारी अभियंता आर.के. श्रीवास्तव द्वारा 14 एजेंसियों को अनियमितता के आरोप में ब्लैकलिस्ट किया गया था, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि न तो बकाया राशि की वसूली हुई और न ही इन एजेंसियों के खिलाफ किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई की गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह सब कुछ स्थानीय प्रभावशाली राजनैतिक तत्वों के संरक्षण में हो रहा है, जिसके कारण दोषियों का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है और उनका कारोबार पहले से अधिक सक्रिय दिख रहा है।

शिकायत में कहा गया है कि अवैध वसूली और मनमानी के कारण आम नागरिक लगातार परेशान हैं। शहर के व्यस्त मार्गों, बाज़ारों और सरकारी परिसरों के बाहर पार्किंग शुल्क निर्धारित दरों से अधिक वसूला जा रहा है। कई स्थानों पर तो पार्किंग टिकट भी जारी नहीं किए जाते, जिससे राजस्व का प्रवाह पूर्णतः अनियंत्रित और अस्पष्ट बना हुआ है।
राजू अहलूवालिया ने डीएम और स्थानीय थाना प्रभारी से इस मामले में जांच दल गठित करने, दोषियों की सूची सार्वजनिक करने तथा निगम और प्रशासन की सहभागिता में राजस्व वसूली सुनिश्चित करने की मांग रखी है। उन्होंने इसे जनहित से संबंधित अत्यंत गंभीर मामला बताया है और चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन की राह भी अपना सकता है।

अब शहर की निगाहें जिला प्रशासन की ओर हैं कि क्या इस शिकायत पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई होगी या यह मामला भी पूर्व शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा। उल्लेखनीय है कि आसनसोल में पार्किंग प्रबंधन वर्षों से विवादों में रहा है और समय-समय पर अव्यवस्था तथा अवैध वसूली के आरोप सामने आते रहे हैं।














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