हटन रोड जाम से भड़की विधायक, ट्रैफिक अव्यवस्था पर कड़ी नाराज़गी

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आसनसोल : बुधवार की सुबह हटन रोड मोड़ पर रोज़ाना लगने वाला जाम एक बार फिर भारी परेशानी का कारण बन गया, लेकिन इस बार स्थिति तब बिगड़ गई जब आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल स्वयं इसी अव्यवस्था में फंस गईं। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार, लगातार बजते हॉर्न और यातायात का टूटता संतुलन देखकर आम लोगों के साथ विधायक भी असहज हो उठीं। कुछ ही मिनटों में वे अपनी गाड़ी से उतरकर सीधे ट्रैफिक व्यवस्था की खामियों पर बोल पड़ीं।

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यातायात जाम बना नाराज़गी की वजह

बुधवार सुबह करीब नौ बजे हटन रोड स्थित मोड़ पर ऑटो, टोटो और निजी वाहनों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। लगातार बढ़ते दबाव के कारण सड़क पूरी तरह ठप हो चुकी थी। इसी दौरान विधायक का काफिला भी उसी मार्ग से गुजर रहा था। जाम में फंसने के बाद उन्होंने हालात का जायजा लिया और देखा कि अवैध रूप से खड़े टोटो और ऑटो ही सबसे बड़ी समस्या का कारण हैं।

विधायक का तीखा रुख—अव्यवस्था पर सख्त टिप्पणी

विधायक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूछा कि आखिर रोज़ाना की परेशानियों के बावजूद जाम मुक्त व्यवस्था क्यों नहीं बनाई जा रही। उन्होंने कहा कि यातायात की इस दशा का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है—स्कूली बच्चों को समय पर स्कूल पहुँचना मुश्किल,ऑफिस जाने वालों की दैनिक दिनचर्या बाधित,अस्पताल पहुँचने वाले मरीजों को गंभीर परेशानी .उन्होंने ट्रैफिक विभाग को चेतावनी देते हुए कहा कि केवल कागज़ी योजना बनाकर छोड़ देने से समस्या नहीं सुलझेगी। सड़क पर उतरकर असली हालात समझने की आवश्यकता है।

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अल्टीमेटम देकर दिखाई सख्ती

विधायक ने ट्रैफिक पुलिस को मौके पर निर्देश दिया कि 30 मिनट के भीतर जाम को पूरी तरह नियंत्रित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वे स्वयं सड़क पर बैठकर धरना देंगी। इस बात के सामने आते ही प्रशासन तत्काल हरकत में आया और अतिरिक्त पुलिस बल हटन रोड भेजा गया।

ट्रैफिक पुलिस का बचाव—“हर दिन कार्रवाई, पर स्थिति पुरानी”

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने सफाई देते हुए कहा कि वे प्रतिदिन अवैध स्टैंड पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन टोटो और ऑटो चालक थोड़ी देर बाद फिर वहीं खड़े हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इलाके में वाहनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सड़कें वर्षों से वैसी ही हैं, लिहाजा अवरोध पैदा होना स्वाभाविक है।

विधायक का एक और आरोप—“अनुशासन से ज़्यादा रुचि तस्करी में”

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रैफिक पुलिस और कुछ प्रभावशाली लोग क्षेत्र में चल रही अवैध गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस जनता की समस्याओं पर ध्यान दे, तो जाम पर काफी हद तक नियंत्रण किया जा सकता है।

तृणमूल की प्रतिक्रिया—“सब कुछ चुनावी दिखावा”

इस घटना के सामने आने के बाद तृणमूल कांग्रेस से जुड़े परिवहन संगठन के नेताओं ने विधायक के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना था कि विधायक चुनावी माहौल में सुर्खियों में रहने के लिए इस तरह की बातें कह रही हैं। राजू अहलूवालिया ने कहा कि सड़क पर मौजूद ऑटो–टोटो चालक रोज़ी–रोटी के लिए संघर्ष करते हैं, और उन पर गलत आरोप लगाना जनसमर्थन हासिल करने की कोशिश मात्र है।

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स्थानीय लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होते ही शहर में दो तरह की राय उभर आई। एक वर्ग ने विधायक की सख्ती को जनता के हित में बताया। उनका कहना था कि यदि जनप्रतिनिधि आवाज न उठाएँ तो व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
दूसरी ओर, कुछ लोगों ने इसे राजनीतिक नाटक बताते हुए कहा कि वर्षों से जारी जाम के खिलाफ कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई।

अंतरिम रूट प्लान लागू, कार्रवाई की तैयारी

घटना के थोड़ी देर बाद पुलिस ने हटन रोड मोड़ के लिए अस्थायी ट्रैफिक प्लान लागू किया। वहीं अवैध स्टैंड हटाने और फेरीवालों को चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि आने वाले दिनों में इस मार्ग को जाम मुक्त बनाने के लिए स्थायी योजना लागू की जाएगी।

बुधवार की इस घटना ने एक बार फिर आसनसोल में ट्रैफिक प्रबंधन की चुनौतियों को सामने ला खड़ा किया। जनता उम्मीद कर रही है कि यह विवाद केवल बयानबाज़ी तक न रहे, बल्कि आने वाले दिनों में वास्तविक सुधार दिखाई दे।

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