आसनसोल : देर रात शहर के व्यस्त भगत सिंह मोड़ क्षेत्र में अचानक हुई आगजनी ने लोगों की नींद उड़ा दी। जैसे ही बंद पड़ी दुकानों के बीच से धधकती लपटें और आसमान की ओर उठता काला धुआँ दिखाई दिया, इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग पहले तो समझ ही नहीं पाए कि आग किस दुकान में लगी है, लेकिन कुछ ही मिनटों में लपटें फैलने लगीं और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े।

फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई, पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड का एक इंजन मौके पर पहुँचा। साथ ही आसनसोल दक्षिण थाना की एक टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुँच गई। दमकलकर्मियों ने पानी की कई धाराओं से आग को चारों ओर से घेरकर बुझाने की कोशिश शुरू की। लगभग पंद्रह से बीस मिनट की अथक मशक्कत के बाद आग को नियंत्रित कर लिया गया।
पुलिस ने आसपास की भीड़ को सुरक्षित दूरी पर रखा और ज्वलनशील सामान वाले कुछ दुकानों को ताला खुलवाकर अस्थायी रूप से बाहर निकलवाया, ताकि किसी दूसरी दुकान तक लपटें न पहुँच सकें।

मोबाइल एक्सेसरीज़ की दुकान बनी आग का केंद्र, सब कुछ जलकर राख
आग जिस दुकान में लगी, वह मोबाइल एक्सेसरीज़ और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की दुकान थी। अंदर रखे हेडफोन, पावर बैंक, चार्जर, ईयरबड्स, मोबाइल बैटरी, कुछ महंगे डिवाइस और नकद राशि पल भर में जलकर राख में बदल गए।
दुकान मालिक ने बताया कि आम दिनों की तरह उन्होंने रात को दुकान बंद की थी और अंदर लगे सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग भी चालू थी। लेकिन जब पास–पड़ोस के लोगों ने रात में उन्हें फोन किया और आग लगने के बारे में बताया, तब वे दौड़ते हुए पहुंचे, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
“मेरी ज़िंदगी की सारी जमा–पूँजी खत्म हो गई”—बोले दुकानदार
दुकान मालिक ने टूटते हुए कहा,
“जो कुछ भी कमाया था, इसी दुकान में लगा दिया था। कुछ ही मिनटों ने सब खत्म कर दिया। अब दोबारा कैसे शुरू करूँ, समझ नहीं आ रहा।”
उन्होंने यह भी बताया कि दुकान में कुछ जरूरी दस्तावेज़ और इलेक्ट्रॉनिक आइटम थे, जो आग की वजह से नष्ट हो गए।
आग के कारणों पर जांच जारी, शॉर्ट सर्किट की आशंका
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती अंदाजा यही है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी होगी। हालांकि पुलिस ने कहा कि वे बिना तकनीकी जांच के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँचेंगे।
दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर लिया गया है। तकनीकी टीम यह जांच करेगी कि आग शुरुआत में कहाँ से उठी और कैसे तेजी से पूरे दुकान में फैल गई।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता—“कुछ मिनट और लगते, तो बड़ा हादसा हो जाता”
पास की दुकान चलाने वाले व्यवसाइयों ने बताया कि रात में सभी दुकानें बंद रहती हैं, और गलियों में खामोशी रहती है।
यदि आग कुछ और मिनट तक अनियंत्रित रहती, तो पास की मेडिकल दुकान, मिठाई की दुकान और दो मकान भी इसकी चपेट में आ सकते थे।
स्थानीय लोगों ने फायर ब्रिगेड के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी तेजी से पहुँच ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।

फायर सुरक्षा पर विशेष सलाह—बिजली व्यवस्था तुरंत जांचें
दमकल विभाग ने आसपास के दुकानदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे—वायरिंग की नियमित सर्विसिंग करवाएँ,पुराने स्विचबोर्ड बदलें,शटर बंद करने से पहले बिजली की मुख्य सप्लाई जांचना अनिवार्य करें,
दुकान में छोटे फायर एक्सटिंग्विशर रखें
उन्होंने कहा कि भीड़-भाड़ वाले व्यावसायिक स्थानों पर आगजनी के मामले अक्सर लापरवाही की वजह से सामने आते हैं, इसलिए सावधानी आवश्यक है।रात की इस घटना ने एक बार फिर आसनसोल शहर में फायर सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर किया है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि इस घटना के बाद प्रशासन ऐसी व्यवस्थाएँ बनाए, जिससे भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके।














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