आसनसोल : गुरुवार को शहर की व्यस्त सड़कों पर ट्रैफिक पुलिस ने तेज आवाज करने वाले बाइक साइलेंसरों के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़ दिया। बढ़ते ध्वनि प्रदूषण और अनियंत्रित ट्रैफिक को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों के बाद आसनसोल नॉर्थ ट्रैफिक गार्ड ने सुबह से ही जुबली मोड़ पर विशेष चेकिंग व्यवस्था लागू की। इस कार्रवाई ने न सिर्फ बाइक चालकों को चौकन्ना किया बल्कि इलाके में कुछ समय के लिए हलचल भी बढ़ा दी।

सुबह करीब नौ बजे से पुलिसकर्मी सड़क किनारे मोर्चा संभाले हुए दिखाई दिए। मॉडिफाइड साइलेंसर लगी कोई भी मोटरसाइकिल पकड़ में आते ही उसे रोककर तत्काल दस्तावेजों और साइलेंसर की जांच की गई। कई युवकों की बाइकों को वहीं से पुलिस की हिरासत में भेज दिया गया, जबकि कई पर भारी-भरकम चालान भी काटे गए। अनजान वाहन चालकों के लिए यह अभियान किसी सख्त रेड की तरह साबित हुआ।

अचानक कार्रवाई ने बढ़ाई बेचैनी
कार्यवाही की शुरुआत इतनी अचानक हुई कि कई बाइक सवार दूर से ही पुलिस को देख दिशा बदलते नजर आए। कुछ युवा तो अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी कर पैदल चलने लगे ताकि वे जांच से बच सकें। वहीं, कुछ लोग खुद मौके पर यह कहते पाए गए कि वे जल्द से जल्द अपनी गाड़ियों से अवैध साइलेंसर हटवा देंगे।
ध्वनि प्रदूषण से शहर की सेहत बिगड़ती
ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से मॉडिफाइड साइलेंसर वाले वाहनों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इससे न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है, बल्कि आम लोगों का मानसिक तनाव भी बढ़ता है। अधिकारियों के अनुसार, तेज शोर—बुजुर्गों,स्कूल जाने वाले बच्चों,बीमारों,और कार्यरत लोगों के लिए गंभीर परेशानी बन गया है। अधिकारी ने स्पष्ट कहा, “कानून ऐसे साइलेंसरों की इजाजत नहीं देता। जोरदार आवाज से सड़क दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती है क्योंकि अचानक तेज शोर से लोग घबरा जाते हैं। अभियान आगे भी जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और सख्त किया जाएगा।”
कड़ी चेतावनी के साथ जुर्माना
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई बाइकों पर जुर्माना लगाने के साथ–साथ वाहन मालिकों को यह निर्देश भी दिया कि वे जल्द ही अपनी बाइक को मानक साइलेंसर से लैस करवाएं। पुलिस ने यह भी साफ कर दिया कि भविष्य में दोबारा पकड़े जाने पर वाहन जब्त करने में कोई रियायत नहीं दी जाएगी।

जनता का समर्थन, राहत की उम्मीद
स्थानीय नागरिकों ने इस कदम की प्रशंसा की है। उनका कहना है कि पिछले कई महीनों से रात-दिन तेज आवाज वाली बाइकों के कारण शहर में असहज माहौल बन गया था। लोगों के अनुसार इससे सड़क दुर्घटनाओं, विवादों और अनावश्यक तनाव की स्थिति पैदा होती थी। गुरुवार को हुई कार्रवाई ने उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया है कि प्रशासन शहर की शांति बहाल करने के लिए गंभीर है।
जुबली मोड़, कोर्ट मोड़ और उससे आगे व्यस्त बाजारों में रहने वाले लोग उम्मीद जता रहे हैं कि यह अभियान नियमित रूप से चले, ताकि सड़कें न सिर्फ शांत रहें बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी कम हो सके।
गुरुवार का यह चेकिंग ड्राइव आसनसोल ट्रैफिक पुलिस की एक सख्त और निर्णायक पहल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में शहर की सड़कों पर ध्वनि प्रदूषण को रोकने में कितनी सफलता मिलती है, यह अभियान की निरंतरता पर निर्भर करेगा।














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