आसनसोल/दुर्गापुर : सप्ताहांत का दिन शिल्पांचल में न्यायिक फैसलों, पुलिस कार्रवाई और बढ़ते साइबर अपराधों की चर्चा में बीता। अलग-अलग क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसते हुए जांच एजेंसियों ने कई अहम कदम उठाए, जबकि अदालतों में लम्बित मामलों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय सुनाए गए। इससे न सिर्फ कानून-व्यवस्था के प्रति जनता की उम्मीदें बढ़ीं, बल्कि यह भी स्पष्ट हो गया कि प्रशासन अब आर्थिक और संगठित अपराधों पर और अधिक सख्ती से कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

कोयला कर्मचारी को आय से अधिक संपत्ति मामले में कड़ी सजा
शनिवार को आसनसोल स्थित विशेष सीबीआई अदालत में एक पुराने मामले का महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया। ईसीएल के हीरापुर कोलियरी में कार्यरत रहे पंप ऑपरेटर को अवैध संपत्ति अर्जित करने का दोषी पाए जाने पर तीन वर्ष कारावास और 15 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया।सीबीआई ने 2006 में दर्ज इस प्रकरण की जांच के दौरान आरोपी से 1 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त की थी। 66 गवाहों की सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि आरोपी अपने ज्ञात स्रोतों से कई गुना अधिक संपत्ति का मालिक बना। इस फैसले ने कोयला क्षेत्र में फैले भ्रष्टाचार पर एजेंसियों की निगरानी को एक बार फिर रेखांकित किया।
नकली लॉटरी पर कसा शिकंजा, तिलाबनी से दो युवक गिरफ्तार
राज्य में नकली लॉटरी बेचने वाले गिरोहों की गतिविधियाँ तेज़ी से बढ़ रही थीं। शनिवार को सीआईडी ने फरीदपुर के तिलाबनी क्षेत्र से दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर इस सिंडिकेट पर बड़ी चोट पहुंचाई।गिरफ्तार युवकों पर झारखंड सहित कई राज्यों में जाली टिकट बेचने का आरोप है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि ये लोग बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजकर आगे की जांच का मार्ग साफ किया।
रायना में भी छापा, भारी मात्रा में नकली टिकट बरामद
इसी सिलसिले में पूर्व बर्दवान जिले के रायना क्षेत्र में भी सीआईडी ने कार्रवाई करते हुए एक दुकान से बड़ी संख्या में फर्जी लॉटरी टिकट जब्त किए। आरोपी की पहचान हावड़ा निवासी एक व्यक्ति के रूप में हुई, जो हाल के महीनों से रायना में रहकर यह अवैध कारोबार चला रहा था।जांचकर्ता अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि नकली लॉटरी का यह जाल राज्य के किन-किन इलाकों तक फैला है और इसके पीछे मुख्य सप्लायर कौन है। स्थानीय स्तर पर लोग लंबे समय से इस व्यापार की शिकायतें कर रहे थे, ऐसे में कार्रवाई से उन्हें राहत मिली है।

दुर्गापुर में रिटायर्ड बैंक कर्मचारी साइबर ठगी के शिकार
डिजिटल अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला दुर्गापुर के नोडिहा क्षेत्र का है, जहां एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी से 10 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।पीड़ित को उनके पूर्व बैंक के नाम से एक लिंक भेजा गया, जिसमें सुरक्षित निवेश और जीवन प्रमाणपत्र संबंधी दावा किया गया था। लिंक पर डिटेल भरने के कुछ ही मिनटों बाद दो बार में कुल 10 लाख रुपये खाते से गायब हो गए।पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया है। इस मामले ने फिर साबित किया कि साइबर अपराधी लोगों की बैंकिंग आदतों और विश्वास का लाभ उठाकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी कर रहे हैं।
गुरुद्वारा प्रबंधन विवाद में अदालत का दो टूक फैसला
बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक समिति में लंबे समय से चल रहे विवाद पर शनिवार को आसनसोल अदालत ने बड़ा और स्पष्ट आदेश दिया।अदालत ने पिछले वर्ष दिए गए यथास्थिति बनाए रखने वाले आदेश को बरकरार रखते हुए विवादित समिति को गैरकानूनी घोषित कर दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि 2023 में जिस चुनाव के आधार पर नई समिति बनाई गई थी, वह कानून की दृष्टि से मान्य नहीं है।अदालत के निर्णय के बाद पूर्व कमेटी के अधिकार बहाल हो गए हैं और किसी भी नए हस्तक्षेप को अस्वीकार कर दिया गया है। समुदाय के बीच पिछले कई महीनों से असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसे यह आदेश काफी हद तक दूर करता है।
न्याय व्यवस्था व जांच एजेंसियों की सख्ती से जनता में भरोसा बढ़ा
शनिवार को शिल्पांचल में हुई इन विभिन्न कार्रवाइयों ने यह संकेत दिया है कि प्रशासन अब संगठित अपराध, भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराधों और धार्मिक-सामाजिक संस्थाओं से जुड़े विवादों को लेकर ज्यादा सक्रिय है।जांच एजेंसियों ने जिस तरह नकली लॉटरी सिंडिकेट पर लगातार छापेमारी की, उससे यह स्पष्ट है कि ये रैकेट अब पुलिस की प्राथमिकता सूची में शामिल हो चुके हैं। वहीं, साइबर अपराधों से निपटने के लिए भी लोगों में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।अंततः, शनिवार का दिन शिल्पांचल के लिए कानून-व्यवस्था और न्यायिक कार्रवाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहा। जनता अब न्यायिक प्रक्रियाओं से अधिक उम्मीद रखते हुए सकारात्मक बदलाव की प्रतीक्षा कर रही है।















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