चोट के बावजूद सिन्हा का जोश बरकरार, आसनसोल उत्सव में तालियाँ

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आसनसोल :  आसनसोल उत्सव की रौनक और भी बढ़ गई, जब शहर के सांसद एवं फिल्म जगत के दिग्गज कलाकार शत्रुघ्न सिन्हा ने चोटिल होने के बावजूद मंच पर उपस्थित होकर लोगों का मनोबल बढ़ाया। रविवार देर शाम हुए मुख्य समारोह में पहुंचे सांसद सिन्हा के पैर में हल्की चोट थी, फिर भी उन्होंने मंच पर खड़े रहकर संबोधन देने का निर्णय लिया। कार्यक्रम में मौजूद मंत्री मलय घटक ने उनसे बैठकर बोलने का आग्रह किया, लेकिन सिन्हा ने मुस्कुराते हुए कहा कि “आसनसोल की जनता मेरे अपने परिवार की तरह है, इसे बैठकर नहीं बल्कि पूरी ऊर्जा के साथ खड़े होकर संबोधित करना मेरा सम्मान है।”

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सिन्हा ने अपने संबोधन में बताया कि वह उत्सव के उद्घाटन समारोह में शामिल न हो पाने का अफसोस महसूस कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से मुंबई में देश-विदेश की कला दुनिया में बड़ी क्षतियाँ हुई हैं। असरानी, सतीश कुमार तथा कई वरिष्ठ कलाकारों के निधन के कारण उन्हें निजी रूप से काफी दुख पहुंचा है, जिस वजह से वह उद्घाटन में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि कलाकारों की इस क्षति ने फ़िल्म उद्योग को गहरा आघात दिया है, और व्यक्तिगत रूप से उनके लिए भी यह दौर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।

सांसद ने आसनसोल उत्सव की लोकप्रियता और इसके महत्व पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि जब 2013 में इस सांस्कृतिक आयोजन की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह आगे चलकर पूरे प्रदेश में प्रसिद्धि का बड़ा मंच बनेगा। आज यह उत्सव न सिर्फ़ शहर की पहचान बन चुका है, बल्कि राज्य के प्रमुख सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल हो चुका है। सिन्हा ने कहा कि इस मंच ने स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का शानदार अवसर दिया है और यह सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान एक विशेष क्षण तब देखने को मिला, जब उन्होंने मंत्री मलय घटक को अपना “पॉलिटिकल गार्जियन” कहा। उनके इस बयान ने मंच पर मौजूद सभी अतिथियों को उत्साहित कर दिया और दर्शकों की तालियों ने इस माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया। दोनों नेताओं के बीच वर्षों से रहे राजनीतिक और व्यक्तिगत संबंधों की झलक उस क्षण में साफ दिखाई दे रही थी।

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चोट के बावजूद सिन्हा ने जिस आत्मविश्वास और ऊर्जा के साथ मंच पर खड़े होकर अपना विचार रखा, उसने दर्शकों का दिल जीत लिया। उनके संबोधन के दौरान कई बार तालियों और जयकारों की आवाज गूँजती रही। शहर के लोग उन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में पहुँचे थे और उनके मंच पर आने भर से उत्सव परिसर में उत्साह का माहौल बन गया।

सिन्हा ने कहा कि आसनसोल उत्सव शहर के लोगों को एकता, कला और स्थानीय संस्कृति से जोड़ता है। उन्होंने आयोजकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि यदि ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहन मिलता रहा तो आसनसोल भविष्य में सांस्कृतिक पर्यटन का बड़ा केंद्र बन सकता है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने यह भी कहा कि आसनसोल की जनता का प्यार ही उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति देता है।

इस सजीले आयोजन में शत्रुघ्न सिन्हा की उपस्थिति और उनका जोशीला संबोधन न सिर्फ़ दर्शकों के दिलों में जगह बना गया, बल्कि यह संदेश भी दे गया कि कोई भी असुविधा जनसेवा और जनता के प्रति समर्पण की भावना को कमजोर नहीं कर सकती।

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