सालानपुर खदानों में अनियमितता के आरोप, श्रमिकों का तीखा विरोध

Facebook
Twitter
WhatsApp

सालानपुर :  ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के सालानपुर क्षेत्र में स्थित डाबर और बनजेमारी खदानों को लेकर गुरुवार को माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। एटक से जुड़े श्रमिकों ने सुबह से ही एरिया ऑफिस के बाहर धरना शुरू कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। श्रमिकों का कहना है कि खदानों में लगातार अनियमितताएँ बढ़ रही हैं, लेकिन अधिकारी समस्याओं से मुंह मोड़ लेते हैं। इसी कारण अब उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराना पड़ा।

IMG 20240918 WA0025

श्रमिक संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि खदान के संचालन में लंबे समय से पारदर्शिता नहीं है। श्रमिकों का दावा है कि उत्पादन के दौरान मानक प्रक्रिया का पालन नहीं हो रहा, जिससे खदानों की प्रतिष्ठा पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। संगठन के वरिष्ठ प्रतिनिधि दिनेश लाल ने कहा कि खदानों में कई महीनों से गुणवत्ताहीन खनन का मुद्दा उठाया जा रहा है, लेकिन शिकायतों को हल करने की बजाय उन्हें टाल दिया जाता है।

संगठन का कहना है कि एजेंट स्तर पर लिए जाने वाले कई फैसले खदानों की सुरक्षा और उत्पादन गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहे हैं। उन्हीं के अनुसार, “खदान का काम किसी एक व्यक्ति के अहंकार से नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत से चलता है। यहाँ संवादहीनता और दमनकारी रवैये की वजह से श्रमिकों के लिए वातावरण असहज बन गया है।”

IMG 20251211 WA0083

विरोध में शामिल श्रमिकों का कहना था कि खदानों को बचाने के लिए आवश्यक है कि प्रबंधन निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण बनाए। उनका आरोप है कि शिकायतें दर्ज कराने पर कर्मचारियों को डराया जाता है या अनुशासनात्मक कार्रवाई का डर दिखाया जाता है। कई श्रमिकों ने कहा कि पिछले दिनों एक समीक्षा बैठक में भी यह मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया था, लेकिन प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

एटक नेताओं ने बताया कि वे यह लड़ाई किसी व्यक्ति-विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि खदानों की सुरक्षा, भविष्य और श्रमिकों की गरिमा के लिए लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रबंधन ने उचित निर्णय नहीं लिया तो खदानों की कार्यक्षमता पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। विरोध कर रहे श्रमिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में वे और बड़े आंदोलन की ओर बढ़ेंगे।

IMG 20250511 WA0050

विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों की एकजुटता देखते ही बन रही थी। धरने पर बैठी महिला श्रमिकों ने भी कहा कि खदानों का भविष्य खतरे में है और वर्तमान स्थिति में काम करना दिन-प्रतिदिन कठिन होता जा रहा है। कई मजदूरों ने बताया कि उत्पीड़न का माहौल खदानों के विकास को रोक रहा है और इससे सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं को होता है जो दिन भर भूमिगत खदानों में कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं।

श्रमिक नेताओं ने प्रबंधन से मांग की कि क्षेत्रीय कार्यालय तुरंत उच्चस्तरीय जांच टीम भेजे और खदानों की स्थिति की समीक्षा करे। इसके साथ ही श्रमिकों की शिकायतों का हल निकालकर पारदर्शी प्रशासन सुनिश्चित किया जाए। प्रदर्शन शाम तक चला और श्रमिकों ने कहा कि यह केवल पहला चरण है; समाधान न मिलने पर agitation और तेज किया जाएगा।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 3 5 2 8
Users Today : 11
Users Yesterday : 37