आसनसोल : शुक्रवार को पश्चिम बर्दवान जिले में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन की ओर से महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया। गुरुवार शाम तक की समीक्षा के बाद पता चला कि पूरे जिले में फॉर्म वितरण से लेकर डिजिटल प्रविष्टि तक का काम अब अंतिम पड़ाव पर पहुँच चुका है। नए आंकड़े बताते हैं कि नौ विधानसभा क्षेत्रों में 23 लाख से अधिक फॉर्म बांटे गए थे और अब लगभग पूरे कार्य की डिजिटाइजेशन प्रक्रिया भी पूर्णता की ओर है।

जिला प्रशासन की ओर से साझा किए गए विवरण के अनुसार, कुल 23,27,111 इन्यूमरेशन फॉर्म लोगों तक पहुंचाए गए, जो कि 100 प्रतिशत वितरण है। इनमें से 20,20,476 फॉर्म का डिजिटलीकरण हो चुका है, जो कि लगभग 87 प्रतिशत प्रगति दर्शाता है। अधिकारियों के अनुसार, यह इस बार की सबसे तेज और व्यवस्थित SIR प्रक्रिया मानी जा रही है।
असंग्रहणीय फॉर्मों ने बढ़ाई चुनौती
ताज़ा सूची में यह भी सामने आया कि गुरुवार शाम चार बजे तक 3,06,460 फॉर्म असंग्रहणीय घोषित किए जा चुके हैं। इन फॉर्मों को या तो सत्यापन के दौरान अमान्य पाया गया या मतदाता उपलब्ध नहीं मिले। चुनावी प्रक्रिया में यह बड़ी संख्या मानी जा रही है, क्योंकि इतने लोगों के नाम मतदाता सूची में संशोधित या हटाए जाने की संभावना बढ़ गई है।असंग्रहणीय फॉर्म बढ़ने के मुख्य तीन कारणों में—1,31,160 लोग स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित पाए गए।96,547 मतदाता मृत घोषित हुए।71,361 लोगों का पता नहीं चल पाया या वे लंबे समय से अनुपस्थित मिले।जांच टीमों ने बताया कि कई इलाकों में फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान लोग अपने पुराने पते पर नहीं मिले, जिसके कारण यह संख्या अपेक्षाकृत अधिक दिख रही है।

कौन-से विधानसभा क्षेत्र आगे, कौन पीछे
पूरे जिले में दुर्गापुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र सबसे तेज प्रगति वाले क्षेत्रों में गिना जा रहा है। यहाँ 89.81 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, आसनसोल उत्तर और कुल्टी विधानसभा क्षेत्र अब भी औसत प्रगति से नीचे हैं।आसनसोल उत्तर और कुल्टी में क्रमशः 14.73 प्रतिशत और 14.67 प्रतिशत फॉर्म असंग्रहणीय पाए गए हैं—जो जिले में सबसे अधिक है। इन दोनों क्षेत्रों में मतदान सूची में बड़े बदलाव होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके विपरीत, दुर्गापुर पूर्व में सबसे कम 10.19 प्रतिशत असंग्रहणीय फॉर्मों की संख्या दर्ज की गई है।

स्थानांतरित मतदाताओं की संख्या दो क्षेत्रों में सर्वाधिक
शुक्रवार की समीक्षा में यह भी स्पष्ट हुआ कि जगह बदलने वाले मतदाताओं की संख्या रानीगंज और जामुड़िया में सबसे अधिक है।रानीगंज में 19,678 लोग स्थायी रूप से दूसरे पते पर चले गए।जामुड़िया में 19,385 लोग स्थानांतरित हुए।इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में तेज़ी से बदलती जनसंख्या संरचना का सीधा असर मतदाता सूची पर पड़ रहा है।
आगे क्या करेगा चुनाव आयोग
जिला प्रशासन ने बताया कि फील्ड सत्यापन के बाद अब अंतिम चरण शुरू हो चुका है। आयोग जल्द ही पहला मसौदा (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) जारी करेगा और उसके बाद आपत्तियों एवं दावों की सुनवाई के पश्चात अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।अधिकारियों ने कहा कि इस बार SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता, डिजिटल सत्यापन और फील्ड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर दिया गया है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूची को यथासंभव त्रुटिरहित बनाया जा सके।शुक्रवार के अपडेट ने यह साफ कर दिया कि जिले में मतदान सूची संशोधन की प्रक्रिया अब लगभग समाप्ति रेखा पर है, और आने वाले सप्ताहों में इसका अंतिम स्वरूप सामने आ जाएगा।















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