जामुड़िया : शनिवार को पश्चिम बर्दवान जिले के जामुड़िया क्षेत्र में राजनीतिक तनाव अपने चरम पर दिखाई दिया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के 16 दिसंबर को आसनसोल और जामुड़िया प्रस्तावित दौरे से पहले ही भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। इसी पृष्ठभूमि में शुक्रवार रात हुई एक दर्दनाक घटना ने हालात को और विस्फोटक बना दिया।

शुक्रवार देर रात लगभग दस बजे चिचुरिया ग्राम पंचायत के अंतर्गत चिचुरिया डंगालपाड़ा इलाके में बालू से लदी एक ट्रक की चपेट में आने से भाजपा से जुड़े कर्मी पगला गोप की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मृतक के परिजन और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए और हादसे को लेकर आक्रोश जताने लगे।
परिजनों का आरोप है कि जब पुलिस शव को कब्जे में लेने पहुंची, तब उन्होंने तत्काल मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसी मांग को लेकर शुरू हुआ विरोध कुछ ही देर में उग्र हो गया। देखते ही देखते पूरा इलाका तनाव की चपेट में आ गया और हालात बेकाबू होने लगे।

आरोप है कि इसी दौरान गुस्साई भीड़ और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस पर ईंटों और डंडों से हमला किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। इतना ही नहीं, कुछ पुलिस वाहनों को आग के हवाले किए जाने की भी चर्चा है। हालांकि, इन घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इस घटना के विरोध में शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने बड़ा कदम उठाते हुए रानीगंज से सिउड़ी को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 60 को जाम कर दिया। सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राजमार्ग जाम होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलने पर भाजपा का एक प्रतिनिधि दल भी मौके पर पहुंचा और घटना की कड़ी निंदा की। प्रदर्शन के दौरान मृतक की पत्नी ने भावुक होकर न्याय की गुहार लगाई और अपने पति की मौत को साधारण दुर्घटना मानने से इनकार किया। भाजपा जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, राज्य कमेटी सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी और कृष्णा प्रसाद ने भी मौके पर पहुंचकर प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं को डराने और दबाने का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

फिलहाल स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन का कहना है कि हालात पर नजर रखी जा रही है और शांति बहाल करने के प्रयास जारी हैं।
शनिवार को जामुड़िया में हुई यह घटना केवल एक सड़क हादसा नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़ा एक बड़ा संकेत मानी जा रही है। शुभेंदु अधिकारी के प्रस्तावित दौरे से पहले बढ़ते तनाव ने जिले की कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन और राजनीतिक दल किस तरह स्थिति को संभालते हैं, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।















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