पांडवेश्वर (दुर्गापुर) : पांडवेश्वर थाना क्षेत्र के रामनगर इलाके में हुए बम विस्फोट ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। अचानक हुए धमाके से जहां स्थानीय लोग सहम गए, वहीं घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी। इस मामले ने कुछ ही घंटों में राजनीतिक रंग भी ले लिया और तृणमूल कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रामनगर नंबर-2 इलाके में एक खाली पड़े मकान की सफाई के दौरान विस्फोटक सामग्री मिलने की बात सामने आई। बताया गया कि सोमवार दोपहर के समय एक व्यक्ति, जिसकी पहचान विनोद साव के रूप में हुई है, उस मकान में सफाई कर रहा था। इसी दौरान वहां से कथित तौर पर कई बम बरामद हुए। विनोद साव को स्थानीय स्तर पर भाजपा से जुड़ा कार्यकर्ता बताया जा रहा है। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि बरामद बमों को पास के खेत में धूप में सुखाने के लिए रखा गया था। उसी समय खेत के पास एक वृद्ध महिला माया देवी अपनी पोती के साथ बैठी थीं। मासूम बच्ची ने बमों को गेंद समझकर उनसे खेलना शुरू कर दिया। बाद में जब माया देवी के पति वहां पहुंचे तो उन्होंने भी अनजाने में एक बम को उठाकर दूर खेत में फेंक दिया। जैसे ही बम जमीन पर गिरा, जोरदार विस्फोट हो गया और पूरा इलाका दहल उठा।
धमाके की आवाज सुनते ही आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस विस्फोट में किसी की जान नहीं गई, लेकिन अगर थोड़ी भी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही पांडवेश्वर थाने की पुलिस बड़ी संख्या में मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेर लिया गया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद संबंधित व्यक्ति ने बमों को घटनास्थल से हटाकर पास के एक खाली कुएं में फेंक दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। पुलिस इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और आसपास के इलाकों की तलाशी भी ली जा रही है।
इस बीच, घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। तृणमूल कांग्रेस की स्थानीय नेता जमुना धीबर मौके पर पहुंचीं और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले ही इलाके में तृणमूल कांग्रेस का विरोध मार्च और सभा आयोजित की गई थी, जिसमें विधायक नरेन चक्रवर्ती मौजूद थे। उनका दावा है कि भाजपा ने उस राजनीतिक कार्यक्रम को बाधित करने और दहशत फैलाने के इरादे से इलाके में बम जमा किए थे।

वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बम तृणमूल समर्थकों द्वारा खाली मकान में छिपाकर रखे गए थे। उनके अनुसार, आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भाजपा कार्यकर्ता ने बमों को हटाकर कुएं में फेंका, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके। भाजपा ने इस पूरे मामले को सत्ताधारी दल की साजिश बताया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि फिलहाल किसी भी राजनीतिक आरोप पर निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पूरे मामले की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और विस्फोटक सामग्री की प्रकृति का पता लगाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोषी चाहे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल रामनगर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। यह घटना एक बार फिर इलाके में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।















Users Today : 9
Users Yesterday : 37