कांकसा (दुर्गापुर) : पश्चिम बर्दवान जिले में बुधवार को एक महिला बीएलओ के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना ने प्रशासनिक हलकों में गंभीर चिंता पैदा कर दी है। दुर्गापुर महकमा के अंतर्गत कांकसा ब्लॉक के बिरूडीहा गांव में हुई इस घटना ने चुनावी कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिरूडीहा गांव में बीएलओ और आईसीडीएस कर्मी के रूप में कार्यरत माया कोनार अपने नियमित दायित्वों का निर्वहन कर रही थीं। इसी दौरान एक स्थानीय युवक ने कथित तौर पर शराब के नशे में उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और मारपीट की। अचानक हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर इकट्ठा हो गए।
पीड़िता माया कोनार ने पूरे मामले को लेकर कांकसा के प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही बीडीओ कार्यालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कांकसा थाना को औपचारिक सूचना भेजी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की पहचान स्वर्गीय दुलाल बागदी के पुत्र गंगा बागदी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी नशे की हालत में था और उसे यह आशंका थी कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान उसका नाम काट दिया जाएगा। इसी डर और भ्रम की स्थिति में उसने बीएलओ से उलझकर हिंसक व्यवहार किया। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में आरोपी का नाम मौजूद है।
कांकसा के बीडीओ सौरभ गुप्ता ने बुधवार को बताया कि महिला बीएलओ माया कोनार 261 नंबर पार्ट की जिम्मेदारी संभाल रही हैं और उनकी शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चुनावी और प्रशासनिक कार्यों में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। पुलिस को सख्त कानूनी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

घटना के बाद से पीड़ित बीएलओ मानसिक रूप से डरी हुई हैं। प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि दोषी के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। स्थानीय प्रशासन स्तर पर यह भी चर्चा शुरू हो गई है कि संवेदनशील इलाकों में बीएलओ और अन्य फील्ड कर्मियों को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
इस घटना ने एक बार फिर यह उजागर कर दिया है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण जैसे संवेदनशील कार्यों के दौरान कर्मचारियों को किस तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सरकारी कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस जांच जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर प्रयास तेज कर दिए गए हैं।















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