रानीगंज : बुधवार को रानीगंज के रोनाई इलाके में उस समय तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब बकाया बिजली बिल के कारण कनेक्शन काटने गई बिजली विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया गया। इस घटना में बिजली विभाग के दो अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी हड़कंप मच गया है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रानीगंज बिजली कार्यालय की एक टीम बुधवार को अल्पसंख्यक बहुल रोनाई क्षेत्र के उत्तर-पूर्व पाड़ा में बकाया बिल वसूली और कनेक्शन विच्छेदन की कार्रवाई के लिए पहुंची थी। संबंधित उपभोक्ता सिंदाबाद खान पर पिछले करीब छह महीने से बिजली बिल का भुगतान लंबित था। कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद उसने बकाया राशि जमा नहीं की थी। समय के साथ बकाया बढ़कर लगभग 21 हजार रुपये तक पहुंच गया।
बिजली विभाग के सेकेंड इंचार्ज दिपांकर चौधरी और कर्मचारी हीरक ब्रह्मचारी ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम गठित कर सिंदाबाद खान के घर पहुंची गई। वहां पहुंचने पर घर की एक महिला ने आधे घंटे तक टीम को इंतजार कराया और यह आश्वासन दिया कि बिल का भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जब कोई राशि जमा नहीं की गई, तो विभागीय नियमों के तहत कनेक्शन काटने का निर्णय लिया गया।
कनेक्शन काटने के बाद जब बिजली विभाग की टीम वहां से लौटने लगी, तभी कुछ ही दूरी पर अचानक स्थिति बिगड़ गई। आरोप है कि सिंदाबाद खान अपने एक साथी जावेद शेख के साथ बाइक से वहां पहुंचा और बिना किसी चेतावनी के बिजली कर्मियों पर हमला कर दिया। दोनों आरोपियों ने बांस और अन्य कठोर वस्तुओं से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे दिपांकर चौधरी और हीरक ब्रह्मचारी के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं।

अचानक हुए हमले से मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घायल कर्मियों ने किसी तरह खुद को बचाते हुए वहां से निकलकर रानीगंज थाना पहुंचकर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत स्थिर है, लेकिन चोटें गहरी हैं।
घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष देखा गया। उनका कहना है कि सरकारी ड्यूटी निभाते समय इस तरह का हमला बेहद चिंताजनक है। विभागीय कर्मचारियों ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रानीगंज थाना में दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया गया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सरकारी कर्मियों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बकाया बिल और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में कार्रवाई के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन घटना ने एक बार फिर सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।















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