आसनसोल : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़ा कथित हिजाब विवाद अब राज्य की सीमाएं लांघकर पश्चिम बंगाल तक पहुंच गया है। शुक्रवार को आसनसोल के आश्रम मोड़ पर राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के नेतृत्व में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनसे सार्वजनिक माफी मांगने अथवा मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की। इस दौरान पूरे इलाके में राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्म नजर आया।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मामला केवल एक व्यक्ति या एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की गरिमा, धार्मिक आस्था और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा गंभीर विषय है। विरोध कर रहे लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और केंद्र तथा राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
विवाद की पृष्ठभूमि
जानकारी के अनुसार, यह विवाद 15 दिसंबर को पटना स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय के ‘संवाद’ कक्ष में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम से जुड़ा है। इस कार्यक्रम में 1283 आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर जब मंच पर नियुक्ति पत्र लेने पहुंची, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनसे बातचीत करते हुए कथित तौर पर उनका हिजाब पकड़कर नीचे की ओर खींच दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
आसनसोल में विरोध की आवाज
आसनसोल में हुए प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आरक्षण मोर्चा के पश्चिम बर्दवान जिलाध्यक्ष शाहिद परवेज ने किया। उन्होंने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि भारत विविधताओं का देश है, जहां हर धर्म, संस्कृति और परंपरा का सम्मान किया जाता है। महिलाओं को यहां शक्ति और सम्मान का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में एक संवैधानिक पद पर बैठे वरिष्ठ नेता द्वारा इस तरह का आचरण न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि निंदनीय भी है।
शाहिद परवेज ने कहा कि यह मामला सिर्फ एक महिला डॉक्टर का अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरे महिला समाज और अल्पसंख्यक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश के बड़े नेता ही इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो आम समाज से मर्यादा की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

माफी या इस्तीफे की मांग
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने इस कथित व्यवहार के लिए सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते या अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप लेगा। मोर्चा ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में यह विरोध केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार का पुतला फूंककर अपना रोष प्रकट किया। साथ ही, स्थानीय प्रशासन के माध्यम से एक ज्ञापन भी सौंपा गया, जिसमें इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

समाज में बढ़ती प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया के दौर में इस तरह की घटनाएं तेजी से लोगों तक पहुंचती हैं और जनभावनाओं को प्रभावित करती हैं। कई लोगों ने इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा संवेदनशील मुद्दा बताते हुए कहा कि नेताओं को सार्वजनिक मंच पर अधिक संयम और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
कुल मिलाकर, हिजाब विवाद ने एक बार फिर राजनीति, धर्म और महिला सम्मान से जुड़े सवालों को केंद्र में ला दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बिहार सरकार और स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या यह विवाद किसी ठोस निष्कर्ष तक पहुंच पाता है या नहीं।















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