आसनसोल : शुक्रवार को आसनसोल के शीतला क्षेत्र स्थित भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल ने राज्य की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। इस मौके पर भाजपा के जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य भी उनके साथ मौजूद थे। प्रेस वार्ता के दौरान राज्य की राजनीति, जनसभाओं की प्रतिस्पर्धा और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे प्रमुख रूप से उठाए गए।

पत्रकारों द्वारा जामुड़िया में आयोजित मंत्री मलय घटक की सभा को लेकर सवाल किए जाने पर भाजपा जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि हाल के दिनों में यह स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है कि जहां-जहां भारतीय जनता पार्टी अपनी सभाएं कर रही है, ठीक उन्हीं स्थानों पर तृणमूल कांग्रेस भी कार्यक्रम आयोजित कर रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक संयोग मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह टीएमसी की बढ़ती बेचैनी को दर्शाता है।
देवतनु भट्टाचार्य ने दावा किया कि आसनसोल क्षेत्र में अब जनता का रुझान तेजी से भाजपा की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस को यह बात भली-भांति समझ में आ चुकी है कि उसका जनाधार कमजोर पड़ चुका है। इसी कारण टीएमसी की सभाओं में स्थानीय लोगों की उपस्थिति कम हो रही है और उन्हें आसपास के इलाकों से लोगों को लाना पड़ रहा है, जिनमें से कई उनके सक्रिय कार्यकर्ता भी नहीं होते। उन्होंने इसे जनता के बदले मूड का संकेत बताया।
राज्य सरकार पर गंभीर आरोप
संवाददाता सम्मेलन में विधायक अग्निमित्रा पाल ने राज्य सरकार के कामकाज पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वर्तमान तृणमूल सरकार के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जो आम नागरिकों के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार—तीनों ही क्षेत्रों में हालात बदतर होते जा रहे हैं।
अग्निमित्रा पाल ने कहा कि राज्य के युवाओं के पास न तो पर्याप्त रोजगार के अवसर हैं और न ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में संसाधनों की कमी और अव्यवस्था आम बात हो गई है, लेकिन सरकार इन बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय सत्ता और स्वार्थ की राजनीति में उलझी हुई है।

नगर निगम में भ्रष्टाचार का आरोप
विधायक ने आसनसोल नगर निगम से जुड़े एक कथित भ्रष्टाचार के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में नगर निगम में एक मामले में 43 लाख रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया था, लेकिन बाद में एक प्रभावशाली नेता की मध्यस्थता से मात्र 11 लाख रुपये लेकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया। उन्होंने इसे खुलेआम भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए कहा कि राज्य सरकार के संरक्षण में ऐसे मामलों को दबाया जा रहा है।
अग्निमित्रा पाल ने सवाल उठाया कि जब नियम-कानून केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे और प्रभावशाली लोग पैसे के दम पर फैसले बदलवा लेंगे, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि जनता का भरोसा धीरे-धीरे सरकार से उठता जा रहा है।
राजनीतिक माहौल गर्म
इस प्रेस वार्ता के बाद आसनसोल की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि आने वाले दिनों में पार्टी जनता के बीच जाकर राज्य सरकार की नीतियों और कथित घोटालों को उजागर करेगी। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।















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