कुल्टी हत्याकांड में नया मोड़, दामाद आरोपी चार दिन रिमांड

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कुल्टी :  आसनसोल–दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत कुल्टी थाना क्षेत्र से जुड़े बहुचर्चित हत्या मामले में पुलिस को बड़ी कानूनी सफलता मिली। 29 अगस्त को दिनदहाड़े गोली मारकर की गई हत्या के मुख्य आरोपी और मृतक का दामाद मोहम्मद आसिफ खान को आसनसोल जिला अदालत ने चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इस फैसले के बाद जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि इस सनसनीखेज वारदात की साजिश की परतें और गहराई से खुलेंगी।

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दिनदहाड़े हत्या से मचा था हड़कंप

गौरतलब है कि 29 अगस्त को नियामतपुर पुलिस चौकी से महज कुछ दूरी पर आसनसोल नगर निगम के अस्थायी कर्मचारी जावेद बारिक की उनके ही घर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह वारदात इतनी अचानक और निर्मम थी कि पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हमलावरों ने बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत मामले की जांच शुरू की और इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया। शुरुआती जांच में ही यह संकेत मिलने लगे थे कि हत्या के पीछे निजी रंजिश और पारिवारिक विवाद की भूमिका हो सकती है।

मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद से ही नियामतपुर पुलिस चौकी और कुल्टी थाना की टीम लगातार अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही थी। शनिवार को पुलिस ने शहर के ही एक इलाके से मुख्य साजिशकर्ता मोहम्मद आसिफ खान को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस का दावा है कि आसिफ ने ही पूरे हत्याकांड की योजना बनाई थी और अन्य आरोपियों को इसमें शामिल किया था।

आसिफ की गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में अब तक कुल नौ आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों से अलग-अलग भूमिका के आधार पर पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके।

एक आरोपी अभी भी फरार

हालांकि पुलिस ने अधिकतर आरोपियों को पकड़ लिया है, लेकिन इस हत्याकांड में शामिल एक आरोपी जावेद कुरैशी अभी भी फरार है। पुलिस का मानना है कि वह अहम जानकारी रखता है और उसकी गिरफ्तारी से मामले में कई नए खुलासे हो सकते हैं। फरार आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है और संभावित ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।

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पारिवारिक रिश्तों में छिपी थी साजिश

इस हत्याकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि आरोपी और मृतक के बीच पारिवारिक संबंध था। पुलिस को शक है कि लंबे समय से चला आ रहा पारिवारिक विवाद धीरे-धीरे गंभीर रंजिश में बदल गया, जिसने अंततः हिंसक रूप ले लिया। जांच अधिकारियों का कहना है कि रिश्तों की इस उलझन को समझे बिना हत्या के असली कारण तक पहुंचना मुश्किल है।

पुलिस हिरासत के दौरान आसिफ खान से गहन पूछताछ की जा रही है। उससे हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की आपूर्ति, अन्य आरोपियों की भूमिका और फरार आरोपी के ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

इलाके में बढ़ी सतर्कता

घटना के बाद से ही नियामतपुर और आसपास के इलाकों में पुलिस सतर्कता बढ़ा दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच उनकी प्राथमिकता है।

स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द ही सभी दोषियों को सजा मिलेगी और इलाके में कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा फिर से कायम होगा। शनिवार को अदालत के फैसले के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि यह हत्याकांड अब निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है।

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