रेलवे ने रास्ता बंद किया, फरीदपुर गांव में उबाल

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल :  मंगलवार को बाराबनी प्रखंड के दोमोहनी ग्राम पंचायत अंतर्गत फरीदपुर गांव में उस समय अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया, जब रेलवे प्रशासन ने गांव के एकमात्र प्रमुख आवागमन मार्ग को बंद करने की कोशिश शुरू कर दी। यह रास्ता रेलवे लाइन के समीप स्थित है और वर्षों से गांव के लोग इसी मार्ग से बाराबनी, अंडाल तथा जामुड़िया-इकरा की ओर आवाजाही करते आ रहे हैं। अचानक हुए इस प्रयास से ग्रामीणों में रोष फैल गया और देखते ही देखते मामला बड़े विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

IMG 20250511 WA0050

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह लगभग दस बजे रेलवे के अधिकारी रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने बिना पूर्व सूचना दिए रेलवे लाइन से सटे रास्ते पर गार्ड वॉल अथवा घेराबंदी करने का कार्य शुरू कर दिया। जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी मिली, गांव के पुरुषों और महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए और रेलवे की कार्रवाई का खुलकर विरोध करने लगे।

ग्रामीणों का कहना है कि फरीदपुर गांव में करीब सौ परिवार निवास करते हैं और यही रास्ता उनके लिए जीवनरेखा जैसा है। इसी मार्ग से बच्चे स्कूल जाते हैं, बीमार लोग अस्पताल पहुंचते हैं और दैनिक जरूरतों का सामान आता-जाता है। यदि यह रास्ता बंद कर दिया गया, तो गांव पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाएगा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए रास्ता बंद करना अन्यायपूर्ण है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मंगलवार को शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन लगातार कई घंटों तक चला। ग्रामीणों ने रेलवे के खिलाफ नारेबाजी की और काम बंद रखने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति बिगड़ती देख बाराबनी थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग रहे।

IMG 20251223 WA0031

सूचना मिलने पर दोमोहनी ग्राम पंचायत की प्रधान सोनाली साधुखा मंडल भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और रेलवे अधिकारियों से बातचीत शुरू की। पंचायत प्रधान ने स्पष्ट कहा कि किसी भी विकास या सुरक्षा कार्य से पहले ग्रामीणों के आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। यदि रेलवे को सुरक्षा कारणों से रास्ता बंद करना है, तो पहले वैकल्पिक सड़क या मार्ग उपलब्ध कराना होगा।

IMG 20240918 WA0025

काफी देर चली बातचीत और गहमागहमी के बाद रेलवे अधिकारियों ने फिलहाल निर्माण कार्य रोकने का फैसला लिया। अधिकारियों ने रास्ते के किनारे केवल एक सांकेतिक खंभा गाड़ा और वहां से लौट गए। हालांकि, जाते-जाते उन्होंने संकेत दिया कि यह मामला पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और भविष्य में दोबारा कार्रवाई की जा सकती है।

रेलवे की इस चेतावनी के बाद गांव में अब भी बेचैनी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहेंगे और जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन भी करेंगे। फिलहाल फरीदपुर गांव में शांति तो है, लेकिन अनिश्चितता और तनाव का माहौल बरकरार है।

Leave a Comment

Leave a Comment

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 3 3 5 2 2
Users Today : 5
Users Yesterday : 37