दुर्गापुर (पश्चिम बर्दवान): रविवार को औद्योगिक नगरी दुर्गापुर खेल इतिहास की एक खास उपलब्धि की साक्षी बनी, जब यहां पहली बार ओकाजाकी चैलेंज कप 2025 के अंतर्गत 12वीं आईएसकेएफ ऑल बंगाल कराटे चैंपियनशिप का भव्य आयोजन किया गया। सिद्धू कानू स्टेडियम में आयोजित इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता ने खेल प्रेमियों, खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों में जबरदस्त उत्साह भर दिया।

इस प्रतिष्ठित कराटे चैंपियनशिप का आयोजन आईएसकेएफ बंगाल की पहल पर और आईएसकेएफ इंडिया के सहयोग से किया गया। प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में दुर्गापुर नगर निगम की मुख्य प्रशासक अनिंदिता मुखर्जी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ शहर के कई वरिष्ठ खिलाड़ी, प्रशिक्षक और खेल आयोजक भी मौजूद थे। दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान के साथ प्रतियोगिता का औपचारिक शुभारंभ किया गया, जिससे पूरा स्टेडियम देशभक्ति और खेल भावना से गूंज उठा।
चूंकि यह प्रतिष्ठित कराटे प्रतियोगिता पहली बार दुर्गापुर में आयोजित की गई थी, इसलिए दर्शकों और खिलाड़ियों में अलग ही रोमांच देखने को मिला। सुबह से ही स्टेडियम में खिलाड़ियों की चहल-पहल शुरू हो गई थी। अलग-अलग आयु वर्ग और भार वर्ग की स्पर्धाओं में कराटे खिलाड़ियों ने अपने कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया।
इस राज्य स्तरीय चैंपियनशिप में पश्चिम बंगाल के 16 जिलों से करीब 500 कराटे खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। बाल वर्ग से लेकर सीनियर वर्ग तक की विभिन्न श्रेणियों में मुकाबले हुए, जिनमें काता और कुमिते दोनों स्पर्धाएं शामिल रहीं। निर्णायकों की पैनी नजर और कड़े नियमों के बीच खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया, जिससे मुकाबले बेहद रोमांचक बने रहे।

आईएसकेएफ के मुख्य प्रशिक्षक शेख लालू ने बताया कि आईएसकेएफ न सिर्फ कोलकाता या बंगाल तक सीमित है, बल्कि यह संगठन पूरे भारत में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आईएसकेएफ की गतिविधियां दुनिया के करीब 160 देशों में फैली हुई हैं, जो इस खेल की वैश्विक पहचान को दर्शाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का मंच प्रदान करती हैं।
प्रतियोगिता के समापन सत्र में विभिन्न वर्गों के विजेताओं को ट्रॉफी, पदक और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए, जिससे उनके उत्साह में और इजाफा हुआ। आयोजकों ने भविष्य में दुर्गापुर को कराटे और अन्य मार्शल आर्ट्स की बड़ी प्रतियोगिताओं का केंद्र बनाने की इच्छा भी जताई।















Users Today : 37
Users Yesterday : 23