आसनसोल : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत सोमवार को आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न हियरिंग केंद्रों पर सुनवाई की प्रक्रिया जारी रही। इसी क्रम में पीएचई हियरिंग सेंटर पर उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट-2) को हियरिंग प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई। इस मुद्दे को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने नाराजगी जताई और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

पीएचई सेंटर पर चल रही सुनवाई के दौरान बोरो चेयरमैन डॉ. देवाशीष सरकार, रानीगंज के पूर्व विधायक सोहराब अली और तृणमूल कांग्रेस के कई पार्षद मौके पर मौजूद थे। यहां अलग-अलग वार्डों से आए मतदाता अपने-अपने मामलों की सुनवाई के लिए पहुंचे थे। केंद्र पर निर्वाचन आयोग से जुड़े अधिकारी और प्रशासनिक कर्मचारी सुनवाई प्रक्रिया को अंजाम दे रहे थे।
डॉ. देवाशीष सरकार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हियरिंग सेंटर पर आम नागरिकों की भीड़ है और लोग घंटों इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलए-2 को जानबूझकर अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है, जबकि एन्युमरेशन फॉर्म भरने के दौरान यही बीएलए-2, बीएलओ के साथ घर-घर गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मतदाता सूची के प्रारंभिक चरण में उनकी भूमिका स्वीकार्य थी, तो अब सुनवाई के समय उन्हें बाहर क्यों रखा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जब इस विषय पर हियरिंग प्रक्रिया से जुड़े चुनाव आयोग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, तो अधिकारियों ने केवल फोन पर जवाब दिया और सामने आकर बात करने से बचते रहे। डॉ. सरकार के अनुसार जब उनसे लिखित आदेश दिखाने को कहा गया कि किस नियम के तहत बीएलए-2 को रोका जा रहा है, तो अधिकारियों के पास कोई स्पष्ट लिखित निर्देश नहीं था। उल्टे उन्होंने तृणमूल नेताओं से ही यह पूछ लिया कि कहां लिखा है कि बीएलए-2 को हियरिंग में रहने की अनुमति है।
डॉ. देवाशीष सरकार ने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया लोगों को परेशान करने वाली बनती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं की सहूलियत के बजाय नियमों की आड़ में उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है, जिससे आम जनता में आक्रोश बढ़ रहा है।
वहीं रानीगंज के पूर्व विधायक सोहराब अली ने भी हियरिंग की मौजूदा व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सुनवाई की प्रक्रिया चलाई जा रही है, उससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी कतारें, स्पष्ट दिशा-निर्देशों का अभाव और प्रतिनिधियों को बाहर रखना—ये सभी बातें इस प्रक्रिया को और जटिल बना रही हैं।

सोहराब अली ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं दिख रहा है। उन्होंने मांग की कि हियरिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाया जाए, ताकि मतदाता बिना भय और भ्रम के अपनी बात रख सकें।
कुल मिलाकर, आसनसोल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के हियरिंग केंद्रों पर सोमवार का दिन अव्यवस्था, सवालों और राजनीतिक असंतोष के बीच गुजरा। स्थानीय नेताओं का कहना है कि यदि जल्द स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए, तो मतदाता सूची सुधार की यह प्रक्रिया विवादों में घिर सकती है।















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