बर्नपुर : बर्नपुर के नरसिंह बांध इलाके में मंगलवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब जुए के अड्डे और शराबखोरी से जुड़े दो गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध गतिविधियां चल रही थीं, जिन पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया। इसी लापरवाही का नतीजा है कि अब आम नागरिकों में डर और असुरक्षा का भाव गहराता जा रहा है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार, चार नंबर क्वार्टर इलाके में पिंटू नामक युवक अपने साथियों के साथ नियमित रूप से जुए का अड्डा संचालित करता है। वहीं, नरसिंह बांध के पास कुछ अन्य युवक बैठकर शराब पीते रहते हैं। बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से इन दोनों गुटों के बीच तनाव चल रहा था, जो परसों रात अचानक मारपीट में बदल गया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना से जुड़ा एक और पहलू सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सनी नामक युवक पहले शराब पीने वाले युवकों के साथ उठता-बैठता था, लेकिन बाद में उसने खुद को उनसे अलग कर लिया। इसी बात को लेकर दोनों गुटों के बीच मनमुटाव बढ़ा। परसों रात हुई झड़प के दौरान कथित तौर पर सनी के घर पर भी हमला किया गया, जिससे उसके परिवार और पड़ोसियों में दहशत फैल गई।
इलाके के लोगों का आरोप है कि जुए का अड्डा चलाने वालों ने बाहर से कुछ युवकों को बुलाकर हमला करवाया। इस घटना के बाद से क्षेत्र के लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। महिलाओं और बुजुर्गों में खासा डर देखा जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आए दिन होने वाली ऐसी घटनाओं से बच्चों और युवाओं पर भी गलत असर पड़ रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने मामले की गहराई से जांच करने के बजाय केवल औपचारिक कार्रवाई की। लोगों का कहना है कि मुख्य आरोपियों पर सख्त कदम उठाने के बजाय सनी समेत एक अन्य युवक को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे आक्रोश और बढ़ गया है।
निवासियों ने सवाल उठाया कि यदि इलाके में लंबे समय से जुआ और शराबखोरी चल रही थी, तो पुलिस और प्रशासन ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। उनका कहना है कि अगर समय रहते अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जाती, तो ऐसी हिंसक घटना नहीं होती।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में अवैध जुए और शराब के अड्डों को तत्काल बंद किया जाए, दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और इलाके में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। लोगों का कहना है कि वे शांति और सुरक्षा चाहते हैं, न कि डर के साए में जीना। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।















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