आसनसोल : नववर्ष के स्वागत और वर्षांत की उमंग के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। गुरुवार की ओर बढ़ती रात में संभावित दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत नियामतपुर ट्रैफिक गार्ड द्वारा विशेष सघन जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान कुल्टी थाना क्षेत्र के नियामतपुर न्यू रोड पर केंद्रित रहा, जहां नववर्ष की पूर्व संध्या पर युवाओं की आवाजाही और वाहनों की संख्या अधिक रहती है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हर वर्ष 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी की शुरुआत में शराब के नशे में वाहन चलाने की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। खासकर दोपहिया वाहन चालक उत्साह और लापरवाही में यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं, जिससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए गुरुवार की रात यह विशेष अभियान चलाया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस की टीम ने सड़क पर बैरिकेड लगाकर आने-जाने वाले वाहनों की जांच की। विशेष रूप से बाइक सवार युवाओं को रोककर उनके कागजात, हेलमेट और नशे की स्थिति की जांच की गई। संदेह होने पर ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से परीक्षण किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई, जबकि कुछ को मौके पर ही सख्त चेतावनी देकर छोड़ा गया।
नियामतपुर सब ट्रैफिक गार्ड के प्रभारी निरीक्षक शिव नंदन दुबे ने बताया कि नववर्ष का उत्साह अक्सर लोगों को असावधान बना देता है। शराब पीकर वाहन चलाना न केवल चालक के लिए, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकता है। इसी कारण पुलिस प्रशासन ने पहले से ही रणनीति बनाकर गुरुवार की रात यह अभियान शुरू किया, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। यदि समय रहते नागरिक स्वयं संयम और जिम्मेदारी का परिचय दें, तो कई परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सकता है। निरीक्षक के अनुसार, सड़क सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें प्रशासन के साथ-साथ आम जनता की भागीदारी भी आवश्यक है।
अभियान के दौरान पुलिसकर्मियों ने वाहन चालकों को यातायात नियमों की जानकारी भी दी। हेलमेट पहनने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और शराब सेवन के बाद वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी गई। कई युवाओं ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और इसे सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नववर्ष और त्योहारों के दौरान इस तरह की जांच से सड़क हादसों में निश्चित रूप से कमी आती है। पिछले वर्षों में नशे की हालत में वाहन चलाने से कई दर्दनाक दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें निर्दोष लोगों की जान चली गई। ऐसे में पुलिस की सक्रियता आम लोगों के लिए राहत का संदेश है।
पुलिस प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि नववर्ष के बाद भी इस प्रकार के विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे। भीड़भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील सड़कों पर नियमित रूप से निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और मोबाइल पेट्रोलिंग की मदद से यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा।
अंत में पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे नए साल का स्वागत जिम्मेदारी और संयम के साथ करें। खुशी के इस अवसर पर थोड़ी सी लापरवाही किसी के जीवन को हमेशा के लिए बदल सकती है। नियमों का पालन कर, सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कर ही नववर्ष का उत्सव सच्चे अर्थों में आनंददायक बनाया जा सकता है।















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