आसनसोल : पश्चिम बर्दवान के कोयला क्षेत्रों में अवैध खनन और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने अपनी निगरानी और कार्रवाई को और सख्त कर दिया है। शुक्रवार को इसी अभियान के तहत ईसीएल की सतग्राम–श्रीपुर क्षेत्रीय सुरक्षा टीम ने बाराबनी थाना क्षेत्र के चरणपुर ओसीपी से सटे हाटतला गांव में व्यापक संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई से इलाके में कोयला तस्करों और अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया।

ईसीएल सूत्रों के अनुसार, यह संयुक्त अभियान चरणपुर ओसीपी की सुरक्षा टीम, सीआईएसएफ (भानोरा यूनिट) और बाराबनी थाना पुलिस के आपसी समन्वय से अंजाम दिया गया। सुरक्षा बलों ने गांव के विभिन्न हिस्सों में तलाशी के दौरान भारी मात्रा में लावारिस कोयला बरामद किया। तौल किए जाने पर जब्त कोयले का वजन लगभग 19,910 किलोग्राम पाया गया। मौके पर किसी भी प्रकार के वैध कागजात या परिवहन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि कोयला अवैध रूप से संग्रहित किया गया था।
सुरक्षा मानकों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए बरामद कोयले को तत्काल जब्त कर लिया गया और बाद में चरणपुर ओसीपी के अधिकृत कोयला डिपो में सुरक्षित रूप से जमा कराया गया। ईसीएल अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक छापेमारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में एक सशक्त संदेश है।
अधिकारियों के मुताबिक, अवैध खनन और कोयला तस्करी से न केवल सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है, बल्कि इससे पर्यावरण, स्थानीय जनजीवन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए ईसीएल ने अपने सभी क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर नियमित छापेमारी की रणनीति अपनाई जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि अवैध कोयले का यह भंडारण किन लोगों के इशारे पर किया गया था और इसे कहां भेजने की तैयारी थी। बाराबनी थाना पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय था और किन माध्यमों से कोयले की तस्करी की जा रही थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में अवैध कोयला गतिविधियों में फिर से तेजी देखी जा रही थी, लेकिन ईसीएल और सुरक्षा बलों की इस संयुक्त कार्रवाई से ऐसे तत्वों को कड़ा संदेश मिला है। वहीं ईसीएल प्रबंधन ने दोहराया है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे और किसी भी कीमत पर अवैध खनन व तस्करी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कुल मिलाकर, शुक्रवार की यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़ी जब्ती के रूप में दर्ज हुई, बल्कि यह भी साबित हुआ कि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर कोयला माफियाओं के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।















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