आसनसोल : बिहार के जमुई जिले के सिमुलतला क्षेत्र में सीमेंट से लदी मालगाड़ी के हालिया पटरी से उतरने की घटना ने रेलवे प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। रेल सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर उठे सवालों के बीच शनिवार को रेलवे बोर्ड ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए पूर्वी रेलवे के आसनसोल रेल मंडल की डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) विनिता श्रीवास्तव का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया। इस फैसले को रेलवे बोर्ड का सख्त संदेश माना जा रहा है।

रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार अब सुधीर कुमार शर्मा को आसनसोल डिवीजन की कमान सौंपी गई है। वे फिलहाल पूर्वी रेलवे में मुख्य माल प्रबंधक (CMM/Wagon) के पद पर कार्यरत थे। सुधीर कुमार शर्मा रेलवे सेवा के अनुभवी अधिकारी माने जाते हैं और इससे पहले अहमदाबाद डिवीजन में डीआरएम के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार, उनके व्यापक प्रशासनिक और तकनीकी अनुभव को देखते हुए उन्हें आसनसोल जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मंडल की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं, विनिता श्रीवास्तव को वेस्ट सेंट्रल रेलवे स्थानांतरित किया गया है। उनका यह तबादला अचानक किए जाने से रेलवे महकमे में चर्चाओं का बाजार गर्म है। हालांकि, रेलवे बोर्ड की ओर से इस बदलाव के पीछे कोई औपचारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि सिमुलतला हादसे के बाद जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया के तहत यह निर्णय लिया गया है।
पूर्वी रेलवे मुख्यालय, कोलकाता के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) शिवराम मांझी ने डीआरएम के तबादले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह निर्णय रेलवे बोर्ड के निर्देश पर लिया गया है। हालांकि, उन्होंने भी हादसे और तबादले के बीच सीधे संबंध को लेकर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की। बावजूद इसके, रेलवे से जुड़े जानकारों का कहना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल को हालिया दुर्घटना से अलग नहीं देखा जा सकता।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले आसनसोल डिवीजन के अंतर्गत सिमुलतला सेक्शन में सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई थी। इस घटना के कारण रेल परिचालन प्रभावित हुआ और कई ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से चलाना पड़ा। हादसे के बाद रेल पटरियों की स्थिति, मालगाड़ी संचालन और सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
रेलवे सूत्रों का मानना है कि यह तबादला केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में रेलवे बोर्ड का स्पष्ट संदेश है। नए डीआरएम सुधीर कुमार शर्मा के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती आसनसोल डिवीजन में रेल सुरक्षा, रखरखाव और परिचालन व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा।
शनिवार को हुए इस फैसले के बाद सभी की निगाहें नए डीआरएम पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि वे कार्यभार संभालने के बाद दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कौन-कौन से ठोस कदम उठाते हैं।















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