पांडवेश्वर : शनिवार की तड़के पांडवेश्वर थाना क्षेत्र के श्यामला इलाके स्थित खोट्टाडीह गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां तालाब में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया। मृतक की पहचान खोट्टाडीह गांव के दास पाड़ा निवासी जयंत रुईदास (32) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला सिविल डिफेंस की त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT) मौके पर पहुंची और घंटों चले रेस्क्यू अभियान के बाद शव को तालाब से बाहर निकाला गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह स्थानीय लोगों ने तालाब के पास असामान्य हलचल देखी। कुछ ही देर में यह खबर फैल गई कि एक युवक पानी में डूब गया है। देखते ही देखते गांव के लोग तालाब के किनारे जमा हो गए। सूचना मिलने पर पांडवेश्वर थाना की पुलिस के साथ जिला सिविल डिफेंस की डिजास्टर रिस्पॉन्स टीम भी पहुंची। रेस्क्यू टीम ने युद्ध स्तर पर अभियान शुरू किया। करीब तीन घंटे की लगातार मशक्कत के बाद जयंत रुईदास का शव तालाब के गहरे हिस्से से बरामद किया गया।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी, हालांकि प्रारंभिक जांच में इसे दुर्घटना माना जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों और ग्रामीणों के अनुसार, जयंत रुईदास लंबे समय से शराब का आदी था। नशे की लत के कारण उसका पारिवारिक जीवन भी तनावपूर्ण चल रहा था। बताया जा रहा है कि घरेलू कलह से परेशान होकर उसकी पत्नी कुछ दिन पहले मायके चली गई थी। इस वजह से जयंत मानसिक रूप से भी परेशान रहता था। गांव वालों का अनुमान है कि शुक्रवार देर रात या शनिवार तड़के वह नशे की हालत में तालाब के पास गया होगा और संतुलन बिगड़ने से पानी में गिर गया, जहां गहरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।

मृतक की पत्नी लक्ष्मी रुईदास ने घटना के बाद रोते हुए बताया कि शराब की वजह से उनके घर में अक्सर झगड़े होते थे। इसी कारण वह कुछ दिन पहले अपने पिता के घर चली गई थीं। उन्होंने कहा कि करीब एक सप्ताह से जयंत से उनकी कोई बातचीत नहीं हुई थी। शनिवार सुबह अचानक सूचना मिली कि उनके पति तालाब में डूब गए हैं। खबर सुनते ही वह घबराकर ससुराल पहुंचीं, जहां तालाब के किनारे भारी भीड़, पुलिस और रेस्क्यू टीम को देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
लगभग तीन घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद जब शव बाहर निकाला गया, तो मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। पूरे गांव में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इस घटना ने एक बार फिर नशे की लत के सामाजिक दुष्परिणामों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जयंत को नशे की आदत से बाहर निकालने में मदद मिलती, तो शायद यह दुखद हादसा टल सकता था। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।















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