कुल्टी : रविवार को कुल्टी विधानसभा क्षेत्र के नियामतपुर स्थित केंद्रीय भाजपा कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आरोपों की झड़ी लग गई। आसनसोल नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा पार्षद चैताली तिवारी ने जल आपूर्ति योजना, शुल्क वृद्धि और कथित भ्रष्टाचार को लेकर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कुल्टी क्षेत्र की जनता आज भी बुनियादी सुविधा—पीने के पानी—के लिए तरस रही है, जबकि करोड़ों रुपये की योजना कागजों में सिमट कर रह गई है।

चैताली तिवारी ने कहा कि पिछले नगर निगम बोर्ड के कार्यकाल में तत्कालीन मेयर जितेंद्र तिवारी के नेतृत्व में ‘अमृत परियोजना’ के तहत घर-घर जलापूर्ति का काम तेज गति से शुरू हुआ था। उस समय लक्ष्य था कि कुल्टी के हर परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि परियोजना का करीब 75 प्रतिशत कार्य पूरा भी हो चुका था, लेकिन मेयर के इस्तीफे के बाद यह महत्वाकांक्षी योजना अचानक ठहर गई।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध कराई थी, तो शेष 25 प्रतिशत काम आज तक क्यों अधूरा है। पार्षद ने आरोप लगाया कि लापरवाही का आलम यह है कि जलापूर्ति के लिए लाए गए लोहे के पाइप खुले में पड़े हैं और उनकी चोरी हो रही है, लेकिन नगर निगम प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि सुनियोजित भ्रष्टाचार का संकेत है।

संवाददाता सम्मेलन में भाजपा नेताओं ने जल कनेक्शन शुल्क में भारी वृद्धि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि पूर्व बोर्ड के समय नियम स्पष्ट था—कच्चे मकान वाले परिवारों को मात्र 50 रुपये और पक्के मकान वालों को 3,000 रुपये में हाउस कनेक्शन दिया जाता था। लेकिन वर्तमान में निगम प्रशासन कथित तौर पर 11,000 रुपये तक की मांग कर रहा है, जो अमृत परियोजना के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कुल्टी क्षेत्र में स्थानीय तृणमूल नेताओं के संरक्षण में अवैध तरीके से जल कनेक्शन दिए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि कोई व्यक्ति 5,000 रुपये देता है, तो नियमों को ताक पर रखकर उसके घर में कनेक्शन जोड़ दिया जाता है। इसे उन्होंने “पानी का घोटाला” करार दिया।
चैताली तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी। यदि जनता को उसका हक नहीं मिला, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर अमृत परियोजना में हुई कथित अनियमितताओं, अवैध कनेक्शनों और भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सम्मेलन के अंत में भाजपा नेताओं ने कहा कि कुल्टी की जनता अब सवाल पूछ रही है—पानी कहां है? उनका कहना था कि यह सिर्फ एक परियोजना का मामला नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।















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