कांकसा : डिजिटल सुविधाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला पश्चिम बर्धमान जिले के कांकसा थाना क्षेत्र से उजागर हुआ है, जहां लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने के नाम पर एक बुजुर्ग व्यक्ति से लाखों रुपये की ठगी कर ली गई। कांकसा थाना पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने तत्परता दिखाते हुए इस मामले में बड़ी सफलता हासिल की है और मुख्य आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बामुनारा इलाके के तपोवन सिटी निवासी अशोक कुमार राय को कुछ समय पहले एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को अधिकृत कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं होने के कारण पेंशन और अन्य लाभ रुक सकते हैं। भरोसा दिलाने के बाद आरोपी ने अलग-अलग चरणों में बैंकिंग प्रक्रिया पूरी कराने के बहाने उनसे रकम ट्रांसफर करवा ली। इस तरह कुल करीब 6 लाख 22 हजार रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया।
जब काफी समय बीतने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ और बैंक खाते से लगातार पैसे निकलने का पता चला, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद 27 नवंबर को अशोक कुमार राय ने कांकसा थाना अंतर्गत साइबर अपराध विभाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की और बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर तथा डिजिटल सुरागों को खंगालना शुरू किया।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ठगी का मुख्य सूत्रधार मुंबई में मौजूद है। इसके बाद जनवरी के पहले सप्ताह में कांकसा थाना पुलिस की एक विशेष टीम मुंबई रवाना हुई। करीब दो दिनों तक संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के बाद पुलिस ने 5 जनवरी को आरोपी को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान अबू दरदा अहमद के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मुंबई में रहकर कई सैलून का संचालन कर रहा था और वहीं से साइबर ठगी के नेटवर्क को संचालित करता था। आशंका है कि उसने इस तरह की ठगी कई अन्य लोगों के साथ भी की हो।

गिरफ्तारी के बाद 6 जनवरी को आरोपी को मुंबई की अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड पर उसे कांकसा थाना पुलिस को सौंप दिया गया। शुक्रवार रात उसे कांकसा लाया गया। पुलिस ने बताया कि शनिवार को आरोपी को दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया जाएगा।
कांकसा थाना पुलिस के साइबर विभाग का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा ठगी की रकम कहां-कहां भेजी गई। साथ ही आरोपी के खिलाफ अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने आम नागरिकों, विशेषकर बुजुर्गों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात फोन कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। बैंक, पेंशन या सरकारी दस्तावेजों से जुड़ी कोई भी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें और संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।















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