कोलकाता : आई-पैक (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी के बाद अब यह मामला नए और संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। बंगाल पुलिस ने छापेमारी में शामिल ईडी अधिकारियों और केंद्रीय सुरक्षा बलों की पहचान करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत सीसीटीवी फुटेज, विज़िटर रजिस्टर और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान खंगाले जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस यह स्पष्ट करना चाहती है कि लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के निजी आवास और सॉल्ट लेक सेक्टर-5 स्थित आई-पैक कार्यालय में छापेमारी करने वाली टीम में कौन-कौन से ईडी अधिकारी शामिल थे। इसके लिए दोनों परिसरों में मौजूद आगंतुक रजिस्टरों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किस समय कौन अधिकारी अंदर गया और बाहर निकला।
सीसीटीवी फुटेज बने जांच का आधार
पुलिस के हाथ घर और कार्यालय के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग लग चुकी है। इन फुटेज के माध्यम से छापेमारी करने वाली ईडी टीम के सदस्यों, एक महिला अधिकारी, विशेष दस्ते और कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे सहायक निदेशक की पहचान की जा रही है। इसके साथ ही कार्यालय कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, ताकि घटनाक्रम की कड़ी से कड़ी जोड़ी जा सके।
ईडी से मांगी जाएगी आधिकारिक सूची
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बंगाल पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय को ई-मेल के जरिए औपचारिक पत्र भेजने की तैयारी कर ली है। इसमें छापेमारी में शामिल सभी अधिकारियों का पूरा विवरण मांगा जाएगा। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या छापेमारी से पहले स्थानीय पुलिस को विधिवत सूचना दी गई थी या नहीं।
सीआरपीएफ जवानों की भूमिका भी जांच के घेरे में
छापेमारी के दौरान ईडी टीम की सुरक्षा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान तैनात थे। अब राज्य पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उस दिन कौन-कौन से जवान मौजूद थे, उनकी तैनाती किस आदेश के तहत हुई और उनकी भूमिका क्या रही। इसके लिए सीआरपीएफ से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
दो थानों में दर्ज कराई गई शिकायत
इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर ईडी और सीआरपीएफ के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ दो अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज कराई गई है। एक शिकायत शेक्सपियर सरानी थाना क्षेत्र में, जबकि दूसरी सॉल्ट लेक इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स थाना में दर्ज हुई है। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि आई-पैक वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस और राज्य सरकार के लिए रणनीतिक सलाहकार संस्था के रूप में काम कर रहा है। ऐसे में ईडी की कार्रवाई और उसके बाद राज्य पुलिस की सक्रियता ने इस मामले को राजनीतिक रंग दे दिया है। राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसे केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते टकराव के तौर पर देखा जा रहा है।
जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और भी अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल बंगाल पुलिस की जांच पर सबकी निगाहें टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि आगे यह मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है।















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